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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पंचायत चुनावों में महिलाओं को मिलेगा 50 फीसदी आरक्षण

Thu, 23 Jul 2020 09:55 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • हरियाणा सरकार के बड़े फैसले के बारे में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने दी जानकारी
  • कैबिनेट मंजूरी के बाद विधानसभा में पारित कराया जाएगा विधेयक, भाजपा-जजपा सहमत
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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हरियाणा में पंचायती राज चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण मिलेगा। यह व्यवस्था 2021 में होने वाले पंचायत चुनावों से शुरू होगी। हरियाणा सरकार के इस फैसले की जानकारी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने गुरुवार को दी। वह सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा विधायक दल इस पर सहमति जता चुके हैं। 

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यह गठबंधन सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम का भी हिस्सा है। जल्दी ही कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए इसका एजेंडा लाया जाएगा। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। कैबिनेट मंजूरी के बाद सरकार विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक पारित कराकर 50 फीसदी आरक्षण का कानून बना देगी। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को यह आरक्षण मिलने से ग्रामीण विकास तेजी से हो सकेगा।

बकौल दुष्यंत, पूरे देश में करीब दो तिहाई हिस्से में पंचायती चुनाव में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण पहले से है। हरियाणा के पड़ोसी राज्यों में भी यह व्यवस्था है। अब हरियाणा सरकार ने भी लागू करने का मन बनाया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाली 100 महिला प्रतिनिधियों को स्कूटी देने जा रहे हैं। इनमें दस जिला परिषद सदस्य, 20 ब्लॉक समिति सदस्य, 40 वार्ड सदस्य व 30 सरपंच शामिल होंगी।

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हरियाणा में 6204 पंचायतें

प्रदेश में कुल 6204 ग्राम पंचायत हैं। इनमें से 2565 में महिला सरपंच हैं। करीब 1400 पंचायतें अनुसूचित जाति के लिए, 1671 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं तो करीब 3079 पंचायतें सामान्य श्रेणी की हैं। 416 जिला परिषद सीटों में से 181 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, 96 अनुसूचित जाति व 74 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

पढ़ी-लिखी पंचायतों का पहले उठा चुके कदम
हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने पंचायत चुनाव के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्त लगाई थी। चाहे महिला हो या पुरुष सभी के लिए शैक्षणिक योग्यता की सीमा निर्धारित है। इसका विरोध भी हुआ था और मामला अदालत में पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस फैसले पर अपनी मुहर लगाई थी। इससे पंचायतों के विकास कार्य में काफी तेजी आई है।
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