सुनाम-बठिंडा मुख्य सड़क पर पारस पैलेस के पास परमजीत कौर (30) अपने घर में अकेली थी। उनके पति रामदास सिंह ट्राला लेकर राजस्थान गए हुए थे। ससुर रोज की तरह स्थानीय ट्रक यूनियन में गए हुए थे। परमजीत कौर का करीब दस वर्षीय इकलौता बेटा भी स्कूल गया हुआ था।
जब उनका बेटा स्कूल से घर आया तो घर में अपनी मां को ढूंढने लगा। मां के नहीं मिलने पर वह पड़ोसियों के पास चला गया। पड़ोसियों ने घर में आकर देखा तो परमजीत कौर सीढ़ी के ग्रिल के साथ बंधी हुई थी। उनका गला घोंटकर उन्हें मार दिया गया था। घर के सभी कमरों में सामान बिखरा हुआ था। लोहे की अलमारी, सूटकेस, ट्रंक सभी कुछ टूटा हुआ था।