शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाने वाली शिकायतकर्ता के बयान से पलटने पर कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया। युवती ने आरोपी पर घर में जबरन घुसकर भी रेप का आरोप लगाया था।
उधर, बयान से पलटने पर कोर्ट ने इसे सख्ती से लेते हुए शिकायतकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 500 रुपये जुर्माना भी लगाया।
सेक्टर-49 निवासी 28 वर्षीय युवती ने सेक्टर-34 थाने में दी शिकायत में बताया था कि उसकी दिसंबर 2004 में रोपड़ निवासी युवक से शादी हुई थी। जून 2006 में उसे बेटी हुई। इसके बाद पति से उसका रिश्ता बिगड़ने लगा और 2007 में उसका तलाक हो गया।
इसके बाद वह बेटी के साथ चंडीगढ़ में पिता के साथ रहने लगी। इसी दौरान घर के सामने रहने वाले दीपक वशिष्ठ से उसकी मुलाकात हुई और उसने खुद को पंजाब के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में कार्यरत बताया था। आरोप था कि दीपक ने उससे शादी करने का वादा किया था। इसलिए वह उसके साथ रहने लगी।
दावा था कि उन्होंने खरड़ के एक मंदिर में शादी की। वह गर्भवती भी हुई थी, लेकिन दीपक ने उसे दवा खिलाकर गर्भपात करवा दिया। शादी के कुछ दिनों बाद दीपक बिना बताए अपने घर चला गया। कुछ दिनों बाद उसका फोन आया कि उसे पैसों की जरूरत है। वह किसी और युवती से शादी करने जा रहा है। इसके बाद ही उसने शिकायत दी।