चंडीगढ़। जिला अदालत में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में युवक के बरी होने के बाद पीड़िता की मां ने कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया। महिला आरोपी के अदालत से बरी होने के फैसले से नाराज होते हुए एडिशनल सेशंस जज स्वाति सहगल की कोर्ट के बाहर जमकर चिल्लाने और हंगामा मचाने लगी। इस दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों और वकील ने महिला को काफी समझाने का प्रयास किया। करीब 20 मिनट तक कोर्ट परिसर में चिल्लाती रही। काफी समझाने बुझाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो नायब कोर्ट ने मौके पर पुलिस को बुलाया और महिला कांस्टेबल हंगामा कर रही महिला को साथ ले गई। वहीं, मौके पर मौजूद बरी हुए युवक के वकील एसके खुरचा ने बताया कि उनके मुवक्किल को युवती की मां ने झूठे आरोप में फंसाया था। बरी होने वाले युवक और शिकायतकर्ता महिला की बेटी ने शादी कर ली है। उनके दो बच्चे भी हैं। वहीं युवती ने भी अदालत में बयान दिए कि उसकी मां ने उसके पति को फंसाने के लिए पुलिस को झूठी शिकायत दी थी।
युवती ने कोर्ट में कहा- मैं बालिग थी, मां ने दी झूठी शिकायत
वहीं, शिकायतकर्ता महिला की बेटी ने कोर्ट में बयान दिया कि उसकी मां ने उसकी उम्र कम बताकर पुलिस को झूठी शिकायत दी थी, क्योंकि वह मर्जी से युवक के साथ गई थी और उस समय वह बालिग थी। उन्नाव में शादी की और अब हमारे दो बच्चे भी हैं। कोर्ट में युवती ने बताया कि इस समय उसकी उम्र 24 साल है। सभी दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने मामले में आरोपी युवक को बरी कर दिया।
क्या था मामला
शिकायतकर्ता महिला ने अप्रैल 2021 में आईटी पार्क थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह लेडी बाउंसर है। तीन साल पहले किसी काम से मुंबई गई थी। इस दौरान उसकी नाबालिग बेटी जिसकी उम्र उस समय 14 साल थी, बिना बताए घर से कहीं चली गई। मुंबई से वापस आने पर बेटी को ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। बदनामी के डर से शिकायत नहीं दी। तीन साल बाद पता चला कि बेटी यूपी के उन्नाव में उक्त युवक के साथ है तो पुलिस को शिकायत दी। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपित युवक उसकी नाबालिग बेटी को साथ ले गया और उसके साथ शादी कर ली।