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Chandigarh: देर रात साधन न मिलने पर महिला ने पुलिस से मांगी पिक एंड ड्रॉप की सुविधा, सड़क पर छोड़कर चले गए

Sat, 16 Mar 2024 04:42 PM IST
निवेदिता वर्मा प्रियंका ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

रात में अकेली महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए वर्ष 2017 में चंडीगढ़ पुलिस ने पिक एंड ड्रॉप सर्विस शुरू की थी। इसके तहत देर रात ऑटो या कैब न मिलने पर महिलाओं को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने का दावा किया गया था। चंडीगढ़ पुलिस ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 100, 0172-2749194 या 0172-2744100 जारी कर रखा है।
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रात को महिला को लेने पहुंची पीसीआर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ पुलिस कमाल है। देर रात घर जाने के लिए ऑटो या कैब नहीं मिलने पर सुखना लेक के बस स्टॉप पर खड़ी महिला ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया। दूसरी घंटी पर चंडीगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम का फोन उठ गया। 

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परेशान महिला ने बताया कि उन्हें घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा। वह अकेले बस स्टॉप पर खड़ी हैं। उन्हें मदद की जरूरत है। क्या पुलिस उनकी मदद कर सकती है। कंट्रोल रूम में फोन उठाने वाले ने पीसीआर भेजने की बात कहते हुए इंतजार करने को कहा।

रात 10:48 बजे गश्त पर लगी पुलिस की गाड़ी महिला के पास पहुंची। पुलिसकर्मी नरेश कुमार ने महिला से पूछा कि क्या हेल्पलाइन नंबर पर आप ने ही कॉल की थी। महिला के हामी भरने पर घर का पता, मोबाइल नंबर आदि जानकारी की ली गई। साथ ही पूछा गया कि इतनी रात को वह वहां क्या कर रहीं हैं, वह किसके साथ आईं थीं? 10:54 बजे दो पुरुष पुलिसकर्मी समेत पुलिस की दूसरी गाड़ी मौके पर पहुंची। दूसरी गाड़ी में आए पुलिसकर्मी ने फिर महिला से नाम और पता पूछा। नयागांव का पता बताने पर पुलिस ने कहा कि वह उन्हें चंडीगढ़-पंजाब बॉर्डर के आगे नहीं छोड़ सकते।
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कोई और साधन न होने के कारण मिलता ने उनसे नयागांव बॉर्डर तक छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद पुलिसकर्मी ने कंट्रोल रूम में संपर्क किया और महिला कांस्टेबल के साथ पीसीआर टीम भेजने को कहा। पीसीआर का इंतजार करते हुए महिला से कहा गया कि आने से पहले टाइम तो देख लिया करो।

कुछ देर में दो महिला कांस्टेबल समेत पीसीआर मौके पर आई, जिसमें महिला को बैठाकर नयागांव बॉर्डर की ओर पुलिस रवाना हो गई। महिला ने एक बार फिर गुहार लगाई कि उन्हें नयागांव स्थित उनके घर तक छोड़ दिया जाए। इस पर पुलिसकर्मियों से जवाब मिला कि हमें छोड़ने में कोई दिक्कत नहीं, लेकिन नयागांव हमारे इलाके में नहीं आता। आप बॉर्डर एरिया से पंजाब पुलिस को संपर्क कर सकती हैं। रात 11:06 बजे पर पीसीआर टीम ने महिला को नयागांव बॉर्डर पर छोड़ दिया। इसके बाद मजबूरन महिला को पैदल ही अपने घर तक जाना पड़ा।

अमर उजाला की ओर से किए गए इस रियलटी चेक में यह बात सामने आई कि रात में महिलाओं की सुरक्षा के लिए चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जारी पिक एंड ड्रॉप सर्विस का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। चंडीगढ़ के साथ सटे क्षेत्रों में अगर कोई महिला जाना चाहे हो तो उसे पुलिस बॉर्डर तक ही छोड़ रही है। सवाल है कि क्या चंडीगढ़ पुलिस का अन्य राज्यों की पीसीआर से कोई संपर्क नहीं और क्या बॉर्डर पर महिला को रात में छोड़कर उनका महिला सुरक्षा का दायित्व पूरा हो जाता है। नयागांव, मुल्लांपुर, सेक्टर-39 अनाज मंडी के आगे छह फेज मोहाली, फर्नीचर मार्केट के आगे फेज-2 और सेक्टर 52 के आगे फेज-7 आदि इलाके कहने के लिए चंडीगढ़ के बाहर हैं लेकिन रोज यहां से बड़ी संख्या में महिलाओं का आना-जाना रहता है।

अक्सर पीसीआर महिलाओं को उनके गंतव्य तक ही छोड़ती है। अगर महिला की रिहायश चंडीगढ़ से बाहर कुछ ही दूरी पर हो तो उसे भी घर तक छोड़ दिया जाता है। यदि बाहरी जिलों की महिलाओं को उनके गंतव्य तक नहीं छोड़ा जा रहा तो मैं चंडीगढ़ पुलिस की पीसीआर से बात करूंगा ताकि वह उस जिले की पीसीआर से संपर्क कर महिला को घर भेजने का प्रबंध किया जा सके। - राज कुमार सिंह, आईजीपी, चंडीगढ़ पुलिस

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