-106 में से एक भी गवाह की नहीं हुई गवाही, एक साल 11 माह हिरासत में होने को बनाया आधार
-ट्रायल कोर्ट के समक्ष जमानत के लिए 3 लाख रुपये की एफडी जमा करवाने का दिया आदेश
-अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) हाऊसिंग प्रोजेक्ट का टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी ममता को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि 106 में से एक भी गवाह की अभी तक गवाही नहीं हुई है और ऐसे में ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लगेगा। याची 13 जनवरी 2022 से हिरासत में है ऐसे में उसे जमानत दी जानी चाहिए। मानेसर में एनएसजी के हाऊसिंग प्रोजेक्ट का टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया था। इस मामले में मोनीश इसरानी ने शिकायत दी थी कि मुख्य आरोपी प्रवीण यादव ने खुद को आईपीएस अफसर बताते हुए उसे इस प्रोजेक्ट के टेंडर दिलाने के नाम पर 64 करोड़ रुपये लिए थे। इसके बाद वह गायब हो गया और शिकायतकर्ता के फोन उठाने भी बंद कर दिए थे। शिकायत के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने 6 जनवरी 2022 को एफआईआर दर्ज की थी और जांच आरंभ की थी। मुख्य आरोपी की पत्नी ममता को कंपनी का डायरेक्टर होने के नाते आरोपी बनाया गया और उससे ठगी के पैसों से खरीदे गए गहने बरामद किए गए थे। याची 13 जनवरी से जेल में थी और ऐसे में उसने नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में याची एक वर्ष 11 माह से जेल में बंद है और अभी तक 106 में से एक भी गवाह की गवाही नहीं हुई है। ट्रायल पूरा होने में समय लगेगा और ऐसे में याची को जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता एक महिला है और राज्य सरकार ने ऐसी कोई आशंका नहीं जताई है कि वह फरार हो सकती है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए ममता को जमानत दे दी। हालांकि हाईकोर्ट ने जमानत केलिए 3 लाख रुपये की एफडी करवाने की शर्त रखी है।