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Chandigarh News: स्कूलों में खुले पड़े हैं तार, आग से बचाव के भी इंतजाम नहीं.. जान हथेली पर लेकर पढ़ रहे बच्चे

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चंडीगढ़। जान जोखिम में डालकर बच्चे शहर के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। किसी स्कूल में बिजली के तार खुले पड़े हैं तो किसी में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र तक नहीं हैं। यही नहीं स्कूल के मैदानों में बूढ़े पेड़ आफत बनकर खड़े हैं। यह खुलासा चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) के सर्वे में हुआ है।
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बीते वर्ष जुलाई माह में सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हेरिटेज पेड़ गिरने से 16 वर्षीय छात्रा हिराक्षी की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। समाज कल्याण विभाग के निर्देश पर सीसीपीसीआर ने अगस्त माह में शहर के सभी 111 सरकारी स्कूलों का सोशल ऑडिट सर्वे शुरू किया। सर्वे में पाया गया कि स्कूलों के इलेक्ट्रिकल कमरे बच्चों की पहुंच में हैं। यहां तार खुले पड़े हैं। रबड़ का मैट तक नहीं है। वहीं स्कूलों में आग बुझाने के संयंत्रों के साथ स्मोक डिटेक्टर सिस्टम भी चालू हालत में नहीं है। स्कूलों में बूढ़े पेड़ ऐसे ही बिना छंटाई के आफत बनकर खड़े हैं। मैदानों में बड़ी-बड़ी घासें उगी हुई हैं, जिसमें सांप इत्यादि आ सकते हैं। बिजली, अग्नि सुरक्षा और बागवानी के मुद्दों में सभी स्कूल अत्यधिक खतरे वाले जोन में पाए गए हैं।
धर्मपाल ने की बैठक, समस्याओं को तुरंत दूर करने के दिए निर्देश
सीसीपीसीआर की अध्यक्ष हरजिंदर कौर ने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, इंजीनियरिंग विभाग आदि के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्कूलों की हालत पर चिंता जताई और अत्यधिक खतरे वाले जोन बिजली, अग्नि सुरक्षा और बागवानी की कमियों को तत्काल प्रभाव से दूर करने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी को 15 मार्च तक का समय दिया गया है।
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विभागों की लापरवाही से लाखों बच्चों की जान खतरे में
प्रशासन के विभागों की लापरवाही के कारण स्कूलों में पढ़ रहे लाखों बच्चों की जान खतरे में है। प्रशासनिक अधिकारी लोगों को छोटे-छोटे उल्लंघन पर नोटिस भेजकर परेशान करने में जुटे हैं लेकिन बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले अपने ही विभागों के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं कर रहे। इन लापरवाहियों को लेकर संबंधित अधिकारियों से लिखित में स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।
- नितिन गोयल, अध्यक्ष, अभिभावक संघ
हाई रिस्क समस्याओं पर प्राथमिकता से काम किया शुरू
रिपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद अत्यधिक खतरे वाली समस्याओं पर इंजीनियरिंग विभाग के साथ मिलकर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने जा रहे हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया जा सके।
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- हरसुहिंदरपाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
सीसीपीसीआर के सुझाव
- स्कूल स्तर पर बच्चों की सुरक्षा के लिए कमेटी बनाई जाए
- सर्वे के परफॉर्मा को ऑनलाइन कर स्कूलों की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए, समय-समय पर जांच हो
- आग, बिजली, फर्स्ट एड इत्यादि को लेकर स्कूल शिक्षकों और बच्चों की ट्रेनिंग करवाई जाए
- विभाग स्कूलों में तय समय पर काम पूरा करवाएं
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