मेरी मर्जी... न प्रशासन का डर, न कानून का खौफ, सुप्रीम कोर्ट ने सड़क से शराब के ठेके हटाने के आदेश दिए हैं। लेकिन यहां तो बीच रास्ते में ही शराब की दुकान जमाई गई है। शराब ठेकों को लेकर लोगों को गुस्सा सातवें आसमान पर है, लेकिन ठेकेदार अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। हैरानी की बात है कि आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी सब कुछ देखते हुए ठेकेदारों को खुली छूट दे रहे हैं।
इसका फायदा उठाकर एक ठेकेदार ने तमाम नियमों को धता बताते हुए जींद के मिनी बाईपास पर सड़के के बीचों बीच ही शराब का ठेका खोल दिया। हैरानी की बात है कि शराब ठेके से चंद कदम की दूरी पर ही रेलवे लाइन है और दूसरी ओर कुछ गज पर ही स्कूल। इससे स्कूल आने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों में भी रोष है।
चंद गज की दूरी है स्कूल
शराब ठेके से चंद गज की दूरी पर ही शहर के दो जाने माने स्कूल हैं। यहां हजारों की संख्या में विद्यार्थी आते हैं। काफी विद्यार्थी रोहतक रोड की ओर से रेलवे लाइन क्रॉस कर आते हैं, जिनको बिलकुल शराब ठेके के साथ से ही गुजरना पड़ता है।
लाइन पार ठेके पर भी विवाद
मिनी बाईपास पर भटनागर कॉलोनी में बने शराब ठेके का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसको बंद कराने के लिए कॉलोनी के लोगों ने रविवार तक का अल्टीमेटम दिया था। इस पर आबकारी विभाग ने ठेका उठवाने का आश्वासन भी दिया, लेकिन शराब ठेका नहीं उठने पर सोमवार को लोगों ने यहां धरना देकर रोष जताया। उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त सत्यबाला मौके पर पहुंची और दो दिन में ठेका कहीं और शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया।
सड़क के बीच में शराब का ठेका खोला गया है तो यह गलत है। नियमानुसार ही शराब की दुकान खुलनी चाहिए। उप जिला आबाकारी एवं कराधान अधिकारी को इसकी जांच के लिए कहा जाएगा। यदि गलत है तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, सिटीएम