अब यूपी की जेल में बंद एक सिख की पैरोल पर रिहाई की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस संबंध में वहां के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात की थी।
इसके बाद यूपी सरकार ने प्रस्ताव बनाकर राज्यपाल को भेज दिया है। पैरोल के बारे में आखिरी फैसला राज्यपाल को लेना है। यह जानकारी मुख्यमंत्री बादल ने सोमवार को सिसवां स्थित ढिल्लों फार्म में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि देश की विभिन्न जेलों में बंद सिख कैदियों के मामले में सरकार का रुख साफ है। सजा पूरी कर चुके सिखों की पैरोल पर रिहाई होनी चाहिए।
उन्होंने इस मामले को लेकर यूपी के अलावा गुजरात एवं कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत की है। उन्होंने भरोसा दिया है, वहां की जेलों में बंद सिख कैदियों की पैरोल पर जल्द रिहाई की उम्मीद है।
बादल ने पूर्व सीएम बेअंत सिंह के परिजनों की सराहना की, जिन्होंने बेअंत सिंह के कत्ल केस में सजा भुगत रहे आरोपियों को पैरोल पर रिहा करने को कहा है।
ड्रग्स तस्कर जगदीश भोला द्वारा इस मामले में तीन कैबिनेट मंत्रियों के शामिल होने के सवाल पर सीएम ने कहा कि भोला को उन अकाली नेताओं के नाम लेने से कौन रोक रहा है। इस केस की तफ्तीश के दौरान भोला ने पुलिस को उनके नाम कथित तौर पर बताए थे।