चंडीगढ़। शहरवासी 31 मार्च के बाद भी रेस्को मॉडल के लिए आवेदन कर सकेंगे। यूटी प्रशासन का चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) लोगों को रेस्को मॉडल के लिए आवेदन करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय देने पर विचार कर रहा है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे। वर्तमान में आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। यूटी प्रशासन ने 500 गज और उससे अधिक के आवासीय घरों में रूफटॉप पावर प्लांट लगाना अनिवार्य किया हुआ है। रेस्को मॉडल के तहत शहर में लोग बिना खर्च के अपने घरों की छत पर सोलर पॉवर प्लांट्स लगवा सकेंगे। पैनल लगाने का सारा खर्चा निजी कंपनी उठाएगी। 15 साल तक पैनल की देखरेख का जिम्मा भी कंपनी का होगा। सरकार कंपनी को सब्सिडी देगी। बताया जा रहा है कि सोलर से जो अतिरिक्त बिजली पैदा होगी, उसे विभाग को भी बेचा जा सकेगा। 15 साल के बाद सोलर प्लांट भवन मालिक का हो जाएगा। क्रेस्ट ने करीब दो साल पहले जेईआरसी के कहने पर रेस्को मॉडल को लेकर एक सर्वे किया था। इसमें कई लोगों ने प्लांट लगवाने की इच्छा जताई थी। जिन लोगों ने पहले इस मॉडल के तहत सोलर प्लांट लगवाने के लिए आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है।