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एक ही व्यक्ति 29 साल से क्यों चला रहा था दवा की दुकान, स्वास्थ्य सचिव ने मांगी रिपोर्ट

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चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 में मौजूद एकमात्र दवा की दुकान का टेंडर 29 वर्षों से एक ही व्यक्ति को देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने शनिवार को इस संबंध में रिपोर्ट तलब कर ली। वहीं, स्वास्थ्य निदेशक की कमेटी ने जांच शुरू कर दी।
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सोमवार को कमेटी अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य सचिव को सौंपेगी। इसमें बताया जाएगा कि आखिर अस्पताल परिसर में मेडिकल शॉप के आवंटन में ऐसी अनदेखी क्यों और किसके स्तर पर की जा रही थी। साथ ही जांच में यह भी पता चलेगा कि नए मेडिकल शॉप के लिए जगह खाली होने के बावजूद प्रशासन को झूठी रिपोर्ट क्यों दी जा रही थी। यशपाल गर्ग ने बताया कि अस्पताल में दो नई दवा की दुकानें खोलने के लिए टेंडर का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। सोमवार को उसके लिए टेंडर लगाया जाएगा ताकि मरीजों को जल्द से जल्द सुविधा प्रदान की जा सके।
अस्पताल परिसर में अभी सिर्फ एक ही दवा की दुकान है। जन औषधि केन्द्र दो साल से बंद है, जिसे खोलने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मरीजों को दवा लेने में हो रही परेशानी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यहां और दुकानें खोलने के लिए जगह चिह्नित करने को कहा था लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जगह खाली न होने की बात बताई थी। इसकी हकीकत जांचने के लिए यशपाल गर्ग ने खुद मौका मुआयना किया, जिसमें एकमात्र दवा की दुकान के बगल में ही एसटीडी-पीसीओ लिखे शटर को खुलवाया तो वहां अतिक्रमण मिला, जिस पर स्वास्थ्य सचिव ने जवाब मांगा है। अब इस जगह को नई दवा की दुकान के लिए चिह्नित किया है। वहीं एक ही व्यक्ति को कई वर्षों से टेंडर देने पर आपित्त जताते हुए संबंधित रिपोर्ट भी तलब की है।
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दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग का कहना है कि एक ही व्यक्ति को लगातार टेंडर देने का मामला गंभीर है। इस मामले में जिसकी भी संलिप्तता पाई गई, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ दिनों में जन औषधि केन्द्र के साथ ही गैरेज और एसटीडी-पीसीओ वाले स्थान पर एक और दवा की दुकान खोली जाएगी ताकि मरीजों को दवा लेने के लिए विकल्प मिलने के साथ ही धक्का-मुक्की से भी निजात मिल सके। उधर, यह जानकारी भी मिल रही है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस प्रकरण में खुद को बचाने के लिए कर्मचारियों को बली का बकरा बनाने की योजना बना रहे हैं।
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