कांग्रेस ने अभी नगर निगम मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया। कांग्रेसियों में मेयर पद के लिए जोरशोर से लॉबिंग कर रहे हैं।
मेयर बनने के इच्छुक लोग अपने समर्थकों पार्टी के बड़े नेताओं को भेजकर अपने नाम की सिफारिश करवा रहे हैं।
हरफूल चंद कल्याण के पक्ष में कई दलित संगठन शनिवार को सांसद पवन बंसल से सेक्टर-28 स्थित उनकी कोठी पर मिले और ज्ञापन सौंपा।
बंसल के दिल्ली से आने पर सभी को उम्मीद थी कि उम्मीदवार का नाम घोषित हो जाएगा। फिलहाल यह फैसला एक सप्ताह के लिए टल गया है।
मेयर का चुनाव 01 जनवरी को होना है। इस बार मेयर अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। कांग्रेस से तीन उम्मीदवार कुर्सी पर नजरें गड़ाए हुए हैं।
दो बार डिप्टी मेयर रह चुके सतीश कैंथ पहली वार नगर निगम में चुनकर आए हैं। एचसी कल्याण दूसरी बार नगर निगम चुनाव जीतकर आए हैं।
तीसरी संभावित उम्मीदवार शीला देवी हैं। वे भी दूसरी बार नगर निगम में कांग्रेस के पार्षद है।
शनिवार को ओमपाल सिंह चांवर, केशोराम पार्चा, श्याम लाल घावरी, चंद्र पाल अनार्य, कंवल पाल लाहोरा, जयपाल चुनियाना आदि सांसद बंसल से मिले।
ओमपाल सिंह चावर का कहना है कि इस बार वाल्मीकि समुदाय का मेयर बनना चाहिए। उन्होंने हरफूल चंद कल्याण को मेयर बनाने की मांग की है।
इस संबंध्ा में चंडीगढ़ से कांग्रेस के सांसद पवन कुमार बंसल ने बताया कि मेयर पद का उम्मीदवार अभी घोषित नहीं हुआ है। केंद्रीय ऑब्जर्बर आएंगे। सभी पार्षदों से बात करके ही मेयर पद का उम्मीदवार तय करेंगे। कई लोग मिले हैं।
पद पर भाजपा के दावे भी मजबूत
भाजपा भी इस बार अपना मेयर बनाने के फिराक में है। भाजपा पार्षद अरुण सूद का कहना है कि इस बार परिणाम अप्रत्याशित होंगे।
कांग्रेस का मेयर बनना मुश्किल होगा। उन्होंने मनोनीत पार्षदों से प्रदर्शन के आधार पर वोट देने की मांग की।
अरुण सूद ने दावा किया है कि अगला मेयर भाजपा का होगा। हालांकि भाजपा ने भी अभी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।