चंडीगढ़। लेजर वैली में मंच पर पहुंचते ही जब बब्बू मान के पंजाब-पंजाबियत जिंदाबाद कहा तो दर्शकों में जोश भर गया। वे यहीं नहीं रुके और बोले- एवें न चंडीगढ़ अंग्रेजी ते पटाखे फोड़ेया करो, ठोक के पंजाबी बोलेया करो। इतना सुनते ही फैंस का जोश दाेगुना हो गया और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बब्बू मान का जबरदस्त स्वागत किया। मौका था चंडीगढ़ कार्निवल के अंतिम दिन रविवार को पंजाबी गायक बब्बू मान के नाइट परफारमेंस का। मित्रां दी छत्री ते उड्ड गई, अंबरा ते लाऊंदी ए उडारियां... बब्बू मान ने जैसे ही यह गाना गाया तो दर्शकों में खुशी की लहर दौड़ गई नाचने लगे। प्रशासन के भीड़ को संभालने में हालत खस्ता हो गई। शाम के समय कार्निवल में उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए। 10 बजे की जगह कॉन्सर्ट को नौ बजे ही बंद करना पड़ा। दर्शकों में अधिक युवा शामिल रहे।
जब दर्शकों ने बब्बू मान से उनके प्रसिद्ध शराब वाले गाने के लिए कहा तो वह बोले- प्रशासन ने यह गाने से मना किया है। फिर वह बोले, ‘मैं बीच में गाने सुना दूंगा इन्ना नूं पता वी नी लगना। गाते समय उनकी दर्शकों से बातचीत जारी रही। उन्होंने अपने अंदाज में प्रशासन पर तंज भी कसा और बोले गाने बंद करने की जगह ठेके बंद करो। लेजर वैली मैदान में दूर-दूर तक जहां कलाकार की आवाज पहुंची, युवा खुशी में भंगड़ा और हूटिंग करते दिखे। गायक ने पक्की कनक, दिल तां पागल है, एक्को बाबा नानक सी, तू दिल्ली दी छोरी मैं जाट हरियाणे दा... आदि गाने गाए।
मान बोले- थले आजा, प्रशासन नूं जवाब देना पेंड़ा ए...
दर्शकों में गायक को देखने का क्रेज कुछ इस कद्र रहा कि पेड़ की पतली टहनी पर चढ़कर उनकी वीडियो बनाई। प्रशासन की ओर से पेड़ पर चढ़े लोगों पर कोई एक्शन नहीं लिया। जब दर्शक मुख्य अतिथि की जगह तक पहुंच गए और स्पीकर पर भी चढ़े तो बब्बू मान ने उनसे नीचे आने का आग्रह किया और बोले थले आजा, प्रशासन नूं जवाब देना पेंड़ा ए। कार्निवल के बाहर युवा खुले में शराब पीते दिखे।