चंडीगढ़। जिस मां ने मुझे 9 माह अपनी कोख में रखा, मेरे लिए दर्द सहा, आखिर उसे मैं दर्द में कैसे छोड़ सकती हूं। बेटी हूं, फर्ज भी निभाना है। गर्व है कि मैंने अपनी मां को किडनी देकर उसके प्रति अपना फर्ज निभाया। मां मेरी दुनिया है, उसके लिए तो मैं हर वक्त खड़ी हूं।
यह कहना है मोहाली निवासी प्रकृति का। चंडीगढ़ के एक निजी होटल में आईवी अस्पताल की ओर से 12 महिला किडनी डोनर को सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं में युवा पत्नियां व बेटियां शामिल थीं। इस दौरान युवा प्रकृति ने अपने अनुभव सभी से साझा किए। प्रकृति ने कहा कि जब डॉक्टरों ने उनकी मां अनीता छाबड़ा की किडनी ट्रांसप्लांट की बात कही, तो उन्होंने एक सेकंड भी न सोचते हुए किडनी देने का फैसला कर लिया। आज अपनी मां को स्वस्थ देखती हूं तो सुकून मिलता है। आज पता चलता है कि करीब के रिश्ते कितने महत्वपूर्ण हैं। परिवार एक पेड़ की शाखाओं की तरह है, जब पेड़ की एक शाखा सूखने लगती हैं तो पूरे पेड़ की संरचना बदलने लगती है। मोहाली के एक अन्य डोनर जिन्नी कपूर ने अपने पति संदीप कपूर के जीवन को बचाने के लिए अपनी किडनी दी थी। इस मौके पर डॉ. कंवलदीप, मेडिकल डायरेक्टर, डॉ जपनीत सिंह आदि मौजूद रहे।