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अलग कमेटी बनी तो अदालत जाएगी एसजीपीसी

Tue, 01 Jul 2014 05:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कहा है कि अगर एचएसपीजीसी का गठन हुआ तो वह इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से कहा है कि वह अलग कमेटी के मुद्दे पर सिखों से न टकराएं और मामले से दूर रहें।
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एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी की सोमवार को यहां हुई बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि हुड्डा अपने सियासी हितों की खातिर हरियाणा सिखों को अलग एसजीपीसी के नाम पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं।

यह सही नहीं है। हुड्डा के प्रयासों को विफल करने के लिए कानूनी माहिरों का छह सदस्यीय पैनल एसजीपीसी की ओर से गठित किया जाएगा। यह पैनल इस मसले पर कानूनी लड़ाई लड़ेगा। इसके साथ ही अकाली दल भी सियासी लड़ाई की शुरुआत करेगा।
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सिखों को दोफाड़ करने की रणनीति

मक्कड़ ने कहा कि अंतरिम कमेटी की बैठक में सभी सिख संगठनों, निहंग सिंघों, संत समाज से कहा गया है कि वे सिखों को बांटने की इस चाल को नाकाम करने के लिए एकजुट हो जाएं। एक सवाल के जवाब में मक्कड़ ने कहा कि हरियाणा के सिख अलग एसजीपीसी के मुद्दे को पिछले शिरोमणि कमेटी चुनाव में नकार चुके हैं।

अलग कमेटी का समर्थन करने वाले झींडा, नलवी, जगदेव सिंह को एसजीपीसी चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, उनके दल के एसजीपीसी सदस्य भूपिंदर सिंह असंध के इस्तीफे के बारे में मक्कड़ ने कहा कि उनके पास तो त्याग पत्र नहीं पहुंचा। इससे स्पष्ट है कि हरियाणा के सिख एसजीपीसी को बांटना नहीं चाहते और उनका विश्वास अकाल तख्त पर बनी कमेटी में ही है।

उन्होंने यह भी कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2004 और 2009 के विधानसभा चुनाव हरियाणा के लिए अलग एसजीपीसी के मुद्दे पर लड़े, अब फिर चुनाव के वक्त ही यह मुद्दा उठा रहे हैं। यह केवल सिखों को दो-फाड़ करने की चाल है, लेकिन लोग उन्हें नकार देंगे।
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केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील

एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि अलग एसजीपीसी का राग अलापने वाली हरियाणा सरकार गुरुद्वारों के रख-रखाव और कमेटी के प्रोजेक्टों सहित मुलाजिमों के वेतन के मुद्दों पर पूरी तरह से नाकाम होगी। गुरुद्वारों का रख-रखाव नहीं हो पाएगा, वेतन नहीं दिया जा सकेगा और मेडिकल कॉलेज, स्कूलों आदि से संबंधित प्रोजेक्ट पूरी तरह से ठप हो जाएंगे।

मक्कड़ ने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात हो चुकी है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार सिखों की सर्वोच्च संस्था एसजीपीसी के समानांतर हरियाणा में अलग कमेटी बनाने की हुड्डा सरकार की कोशिशों को कामयाब नहीं होने देगी। एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने बताया कि अंतरिम कमेटी बैठक में इराक में फंसे लोगों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये की मदद देने का फैसला भी लिया गया। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी आपदा हो एसजीपीसी हमेशा लोगों की मदद में खड़ी रहती है।
 
पंजाब के शिक्षा मंत्री व शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर सिखों में फूट डालने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पंजाब प्रदेश कांग्रेस और कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे नेता अलग कमेटी की हिमायत करके जलती आग में तेल डालने का काम कर रहे हैं। शिअद ऐसा किसी भी हाल में नहीं होने देगा।
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