पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पावरकाम) के हर साल करोड़ों रुपये खर्च करके बिजली सप्लाई सिस्टम में सुधार करने का दावा करता है। लेकिन विभाग की ओर से किए जा रहे यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस साल गेहूं सीजन में बिजली की तारों में शार्ट सर्किट होने से पंजाब भर में फसलों को आग लगने के लगभग दो सौ मामले रिपोर्ट हुए हैं, इनमें लाखों की फसलें स्वाह हो गई हैं। पीड़ित किसानों को पावरकॉम ने अभी तक मुआवजा भी नहीं दिया है।
पावरकाम हर साल 200 से 250 करोड़ रुपये खर्च करके पंजाब भर में बिजली के आवंटन सिस्टम में सुधार के दावे करता है। इसके तहत बिजली की ढीली तारों को ठीक करने, जहां ट्रांसफार्मर या फीडर ओवर लोड हैं, वहां नया ज्यादा पावर का ट्रांसफार्मर लगाने की बात कही जाती है। इसके बावजूद भी हर साल गेहूं की फसलों में बिजली की तारों में शार्ट सर्किट के कारण आग लगने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।