मौसम विभाग ने 48 से 72 घंटे के बीच एक और तूफान आने की आशंका व्यक्त की है। इस तूफान की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है। तूफान का असर ट्राइसिटी के कुछ हिस्सों में हो सकता है। धूल भरी आंधी के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है। इससे तापमान में भी असर देखने को मिलेगा। सोमवार शाम आए तूफान ने लोगों को गर्मी से भले ही राहत दी, लेकिन वह अपने साथ तबाही भी लेकर आया।
ट्राइसिटी के अधिकांश हिस्सों में पूरी रात बिजली गुल रही। करीब 30 पेड़ों की बलि भी चढ़ी। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि सोमवार शाम को आए तूफान से रात के तापमान में काफी असर पड़ा है। रविवार रात चंडीगढ़ का तापमान 31.4 डिग्री दर्ज किया गया था, जबकि तूफान वाली रात का तापमान 21.8 डिग्री रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री कम रहा। इस दौरान करीब 11.3 एमएम बारिश भी रिकार्ड हुई।
अधिकतम तापमान में भी करीब एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री कम था। अगले तीन दिन अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री और रात का तापमान 24 डिग्री के बीच रिकार्ड किया जा सकता है।
मौसम विभाग ने बताया है कि ट्राइसिटी में एक और तूफान आ सकता है। इसकी तीव्रता भी अधिक रहने वाली है, इसलिए पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया गया है। 72 घंटे के बाद फिर से तापमान के चढ़ने के आसार हैं।
अधिकतम तापमान 42 के आसपास और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के करीब रहेगा। सोमवार से पहले चंडीगढ़ सहित पूरे उत्तर भारत के लोग भीषण गर्मी झेल रहे थे। लगातार आठ दिन सिटी का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रिकार्ड किया गया। आमतौर पर ऐसा होता नहीं है, लेकिन इस बार तापमान की तीव्रता ज्यादा रही है।
92 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार थी तूफान की
चंडीगढ़ मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि सोमवार शाम को आए तूफान की रफ्तार 92 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकार्ड की गई है। मौसम विभाग की ओर से पहले बताया गया था कि आए तूफान की रफ्तार 60-70 किलोमीटर के बीच रही होगी। इससे पहले साल 2014 को तूफान की रफ्तार 105 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई थी।
हालांकि, इस बारे में मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी, लेकिन इस बार मौसम विभाग ने पहले ही आशंका व्यक्त कर दी गई है।