पीजीआई डायरेक्टर की नियुक्ति के संबंध में अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नोटिस का जवाब मंगलवार को पीजीआई ने भेज दिया है। सूत्रों की ओर से दावा किया गया है कि पीजीआई ने अपने जवाब में कहा है कि डायरेक्टर की नियुक्ति में उसका कोई रोल नहीं है।
अब संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही डायरेक्टर की नियुक्ति की जा सकती है। पीजीआई से जवाब मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इसकी सूचना कैबिनेट की नियुक्ति समिति को भेजी जाएगी। उसके बाद डायरेक्टर की कभी भी नियुक्ति की जा सकती है।
पीजीआई डायरेक्टर की नियुक्ति पर विवाद उठने के बाद अनुसूचित जाति आयोग ने इसमें दखल दिया था और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जवाब मांगा था। उसके बाद आयोग ने मंत्रालय को सिफारिश दी कि फाइनल में चुने गए तीन डाक्टरों के चयन में गड़बड़ी हुई है।
तीनों नामों पर दोबारा से रिव्यू किया जाए। उसके बाद मंत्रालय ने पीजीआई से इस बारे में जवाब मांगा। इस संबंध में मंगलवार को पीजीआई ने अपना जवाब जमा करा दिया है। डायरेक्टर की दौड़ में पहला नाम इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॅा. अनिल भंसाली, दूसरा नाम पीडियाट्रिक की डॉक्टर मीनू सिंह और तीसरा नाम एडवांस आई सेंटर के इंचार्ज डॉ. जगत राम का है।
डॉ. जगत राम का नाम तीसरे नंबर पर आने से विवाद उठा है। उसके बाद पीजीआई की एससी-एसटी वेलफेयर एसोसिएशन ने आयोग का दरवाजा खटखटाया था। विवाद होने के बाद डायरेक्टर की नियुक्ति लटक रही है।