चंडीगढ़। कोरोना टीकाकरण अभियान के दो सत्र पूरे हो गए हैं। इन दोनों सत्रों में 578 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जा चुका है और यह सभी पूरी तरह स्वस्थ हैं। यह सभी अपने सहयोगियों और शहर के लोगों को यह बताना चाहते हैं कि उन्होंने टीकाकरण करवाकर खुद को सुरक्षित कर लिया है अब जो बचे हैं, उनकी बारी है। दूसरे सत्र के टीकाकरण अभियान में शामिल लाभार्थियों का कहना है कि ‘टीकाकरण से सिर्फ कोरोना का ही नुकसान होना है, हमारा और आपका नहीं।’
मैंने कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवा लिया है और मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। एक स्वास्थ्य कर्मचारी होने के नाते हमें किसी भी तरह की भ्रामक बातों पर विश्वास किए बिना इस अभियान को सफल बनाने के लिए आगे आना होगा।
-राजवीर यादव, नर्सिंग ऑफिसर, जीएमसीएच-32
सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को योद्धा का दर्जा दिया है। इसलिए कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सबसे पहले हमें टीका लगवाने की सुविधा मिली है। इस अवसर का सभी को लाभ उठाना होगा तभी कोरोना का खात्मा संभव है।
-रविंदर कौर, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, जीएमएसएच-16
भ्रामक संदेशों पर विश्वास करने की बजाय कोरोना टीकाकरण को सफल बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। मैंने अपना टीकाकरण करवा लिया है और अपने अनुभव के आधार पर यह कह सकती हूं कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है।
-कर्मजीत, नर्सिंग ऑफिसर, जीएमएसएच-16
सरकार ने टीकाकरण अभियान शुरू करने से पहले वैक्सीन का सफलतापूर्वक ट्रायल किया है। विशेषज्ञों ने वैक्सीन की पड़ताल के बाद ही इस अभियान को शुरू कराया है। उसके बावजूद अगर नकारात्मक बातों पर ध्यान देंगे तो यह गलत होगा।
-महेंद्र सिंह, नर्सिंग ऑफिसर, जीएमएसएच-16
स्वास्थ्यकर्मी होने के नाते मैंने अपना टीकाकरण करा लिया है। अब मैं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हूं। टीकाकरण के बाद भी कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए दोगुने जोश के साथ अपना कार्य कर रही हूं।
-मुमताज, नर्सिंग ऑफिसर, जीएमएसएच-16
कोरोना संक्रमण के दौर में हम हर पल यही प्रार्थना कर रहे थे कि इससे बचाव के लिए जल्द से जल्द वैक्सीन तैयार हो जाए। अब जब सरकार ने टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है तो मेरी तरह सबको टीकाकरण करवाना चाहिए, तभी महामारी का खात्मा होगा।
-मोना, ओटी अटेंडेंट, जीएमएसएच-16