विधानसभा चुनाव से पूर्व हरियाणा सरकार ने जनता को एक और चुनावी सौगात दी है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत और वाणिज्यिक उद्देश्य के शुल्क को छोड़कर अनुसूचित जाति और सामान्य श्रेणी सहित सभी उपभोक्ताओं के पानी के शुल्क और पानी शुल्क की बकाया राशि माफ करने का निर्णय लिया है।
यही नहीं, आगे से इन श्रेणियों से किसी प्रकार का पानी शुल्क नहीं लेने की भी घोषणा की है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इंदिरा गांधी पेयजल योजना के अंतर्गत स्वीकृत कनेक्शनों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय पानी के शुल्क के रूप में लगभग 90 से 100 करोड़ रुपये की बकाया राशि लंबित चल रही है।
सरकार ने इसे माफ करने का निर्णय किया है। उपभोक्ताओं को भविष्य में अब इन कनेक्शनों के बदले किसी तरह का शुल्क नहीं देना होगा।