चंडीगढ़ के गांव धनास के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के दो हजार विद्यार्थी शनिवार को पानी की बूंद को तरस गए। शुक्रवार शाम को तूफान के दौरान बिजली के केबल टूटने के कारण ट्यूबवेल नहीं चला और पानी की आपूर्ति न होने के कारण यह स्थिति हुई। लोगों का कहना है कि यदि ट्यूबवेल पर जनरेटर होता तो ऐसी स्थिति नहीं होती।
जो बच्चे घरों से पानी की बोतल ले गए, सहपाठियों ने पीकर खत्म कर दिया। भीषण गर्मी के कारण बच्चों के परेशान होने पर स्कूल की प्रिंसिपल हरमीत कौर के पास मामला पहुंचा तो उन्होंने इस बारे में गांव के सरपंच कुलजीत सिंह संधू को सूचित किया। इसके बाद सरपंच की मदद से प्राइवेट टैंकर स्कूल में भिजवाया गया तो बच्चों और टीचरों ने राहत की सांस ली।
बिजली-पानी की आपूर्ति न होने के कारण गांव के लोगों का भी बुरा हाल है। ट्यूबवेल न चलने के बाद ग्राम पंचायत की ओर से प्राइवेट टैंकर से पानी की आपूर्ति की गई। शनिवार रात नौ बजे तक गांव में बिजली-पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।
खुड्डा अलीशेर के सरपंच डॉ. हुकम चंद ने कहा कि भी तार टूटने के कारण लोगों को परेशानी हुई। शनिवार दोपहर तक बिजली विभाग के जेडी और एसडीओ टीम के साथ खुड्डा अलीशेर में बिजली आपूर्ति बहाली में जुटे रहे। पानी की आपूर्ति भी गांव में भी नहीं हो पाई।
कोट
स्कूल से सूचना मिलने पर तुरंत प्राइवेट टैंकर मंगवाकर स्कूल में भिजवाया गया। बच्चे प्यास से परेशान हो रहे थे। गांव के ट्यूबवेल पर जनरेटर होता हो ऐसी स्थिति नहीं होती।
-कुलजीत सिंह संधू, सरपंच, ग्राम पंचायत धनास।