चंडीगढ़। प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गठबंधन टूटने को लेकर वे पहले दिन से मानसिक तौर पर तैयार थे। यह राजनीतिक निर्णय होते हैं, कौन सी पार्टी पहले और किस परिस्थिति में फैसला ले यह उस पर निर्भर करता है। जहां तक लोकसभा चुनावों की बात है तो पार्टी आगामी चार दिनों में कार्यकर्ताओं से चर्चा के बाद फैसला लेगी और लोकसभा चुनावों में उतरने का ऐलान किया जाएगा। अगर पार्टी कहेगी तो वह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। वहीं, दुष्यंत चौटाला ने नए सीएम नायब सैनी को लेकर तंज कसा कि शॉर्ट टर्म के सीएम का टेन्योर पंजाब ने भी देखा है सबको पता है उनका अनुभव कैसा रहा। नए सीएम के पास बहुत लिमिटेड समय है।वह शुक्रवार को यहां पार्टी कार्यालय में गठबंधन टूटने के बाद पहली बार पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। चौटाला ने कहा कि वह वन नेशन-वन इलेक्शन के पक्षधर हैं, लेकिन यह 2029 में संभव हो पाएगा। जहां तक इलेक्टोरल बांड की लिस्ट जारी हुई है, उसमे जजपा नहीं है।
उन्होंने कहा कि पहले लोकसभा में सात सीटों में उतरे उस वक्त सात लाख वोट हमारी पार्टी को आए, विधानसभा चुनाव में वोट 15% बढ़ा। जो निर्णय संगठन की लीडरशिप का होगा वह अंतिम फैसला होगा। राजपाठ किसी की बपौती नहीं है, मेहनत और संघर्ष के साथ विधानसभा और लोकसभा के अंदर भी सदस्य लेकर आएंगे।
15 दिनों में पंचकूला घर में होंगे शिफ्ट
उन्होंने कहा कि उनकी कभी भी पूर्व सीएम से लड़ाई नहीं हुई, उनके साथ काफी अच्छा अनुभव रहा। उनका धन्यवाद करने गया था। उन्होंने साढ़े चार साल बड़े अच्छे ढंग से गठबंधन को चलाया था। मुलाकात की चर्चाएं काफी होती हैं। वह आगामी 15 दिनों में पंचकूला के घर में शिफ्ट हो जाएंगे।
विधायकों पर होगी संगठन की ओर से कार्रवाई
विधायकों के रैली मेंं नहीं पहुंचने के सवाल पर कहा कि उनके खिलाफ संगठन के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। जहां तक विश्वास मत वोट से अनुपस्थित रहने के लिए कहा था, वह विधायकों ने किया। आज भी अगर विधानसभा का सत्र होगा तो विपक्ष के नाते सभी विधायकों को काम करना होगा नहीं तो मैं कार्रवाई कर सकता हूं। संगठन विधायकों से नहीं बनता संगठन कार्यकर्त्ताओं से बनता है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तंज कसते हुए कहा कि आरोप लगाना बहुत आसान है, जजपा किसी अन्य पार्टी के लिये नहीं बनी है। दीपेंद्र हुड्डा यह सोचते है कि रोहतक में जजपा अपना उम्मीदवार न उतार दे।
किसानों को 20 घंटों में दिया जाए मुआवजा
चौटाला ने नई सरकार से अपील की कि पिछले दिनों जो ओलावृष्टि से फसल का नुकसान हुआ था, उसके मुआवजे की घोषणा की थी। इसलिए आचार संहिता लगने से पहले अगले 20 घंटे में देने का काम करे, अन्यथा किसानों को ढाई महीने से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा जो प्रोजेक्ट्स हमने चलाए थे, उन्हें तुरंत पूरा किया जाए।