चंडीगढ़। पीयू प्रशासन ने छात्रावासों में रह रहे शोधार्थियों को घर जाने के लिए उनकी काउंसिलिंग करने का जिम्मा वार्डन को सौंपा है। वे विद्यार्थियों को समझाएंगे कि कोरोना खतरनाक है। हालांकि वार्डन विद्यार्थियों पर जबरन दबाव भी नहीं बनाएंगे।
कोरोना के बढ़ने के कारण पीयू प्रशासन छात्रों से छात्रावास खाली करने को कह रहा है। 200 से अधिक विद्यार्थी घर चले गए। अब करीब 300 शोधार्थी रुके हुए हैं। पीयू प्रशासन चाहता है कि ये विद्यार्थी भी घर चले जाएं, ताकि कोरोना से उनका भी बचाव हो और अन्य स्टाफ को उनकी सुविधा के लिए न लगाना पड़े, क्योंकि स्टाफ को भी कोरोना का खतरा है। पीयू के छात्रावास खाली करने के निर्णय के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया।
छात्रावासों में रहे रहे शोधार्थियों को समझाने की जिम्मेदारी अब वार्डनों को दी गई है। वे दो-चार शोधार्थियों को एक साथ बुलाकर उन्हें समझाएंगे। पीयू का मानना है कि इस प्रयास से कुछ शोधार्थी अपने घरों को जा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर शोधार्थियों की सुविधा के लिए मेस आदि का संचालन बेहतर करने की प्रक्रिया चल रही है। गर्ल्स छात्रावास संख्या आठ व एक में मेस संचालित है। गर्ल्स छात्रावास नंबर दो में कैंटीन का संचालन हो रहा है।