Municipal Corporation office Chandigarh
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चंडीगढ़ में वार्डों को बढ़ाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन वार्ड बढ़ नही पाए। अब चुनाव आयुक्त ने इसकी बड़ी वजह बताई है। चुनाव आयुक्त राकेश मेहता ने बताया कि साल 2011 की जनगणना के आधार पर नगर निगम चुनाव होंगे। उन्होंने बताया कि नए सिरे से वार्ड बंदी करने के लिए प्रशासन को साढ़े तीन साल पहले ही कह दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। अगर होता तो वार्डों की संख्या भी बढ़ जाती।
नगर निगम चुनाव के वार्डों की ड्रा निकालने की तारीख की घोषणा शुक्रवार को चुनाव आयुक्त ने कर दी। 14 अक्तूबर को 9 महिला वार्डों को रिजर्व करने के लिए ड्रा निकाला जाएगा। इसके साथ ही शहर की राजनीति की तस्वीर भी साफ हो जाएगी। वहीं, ड्रा से पहले चुनाव आयुक्त सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ यूटी गेस्ट हाउस में बैठक करेंगे।
इस बार खर्च की सीमा भी बढ़ेगी
चंडीगढ़ ओपन हैंड
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चुनाव आयुक्त राकेश मेहता ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि नगर निगम चुनाव 18 से 20 दिसंबर के बीच होंगे। चुनाव का परिणाम 23 या 24 दिसंबर को निकाला जाएगा। मालूम हो कि 26 वार्डों में चुनाव होना है। इनमें से पांच वार्ड पहले ही एससी कैटेगरी के लिए रिजर्व हो गए हैं। इसमें रामदरबार, पलसौरा, मलोया, धनास और डड्डूमाजरा शामिल हैं। अभी तक यह सभी वार्ड जनरल कैटेगरी के थे। इन 5 वार्डों में से दो एससी महिला के लिए रिजर्व किए गए हैं।
इनका चयन ड्रा से किया जाएगा। जबकि, 7 वार्ड महिला जनरल के लिए ड्रा द्वारा रिजर्व किए जाएंगे। 14 अक्तूबर के बाद एससी, महिला, और जनरल कैटेगरी के वार्डों की तस्वीर साफ हो जाएगी। चुनाव आयुक्त ने बताया कि इस बार 60 प्रतिशत मतदान करवाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि पिछले चुनाव में 58 प्रतिशत मतदान हुआ था। मालूम हो कि वर्ष 2011 में 50 से 58 प्रतिशत मतदान बढ़ा था, जिसमें अमर उजाला ने भी अभियान चलाकर सहयोग दिया था। चुनाव आयुक्त राकेश मेहता ने बताया कि इस बार भी मतदान बढ़ाने के लिए अभियान चलाएंगे। डीसी अजीत बालाजी जोशी ने कहा कि प्रशासन भी अपने स्तर पर अभियान चलाएगा। चुनाव आयुक्त ने बताया कि उम्मीदवारों के नामांकन होने तक वोट बन सकती है। नामांकन से पहले तक जो लोग वोटर कार्ड बनवा लेंगे वह सभी इस साल होने वाले नगर निगम चुनाव में मतदान कर सकते हैं।
इस समय एक उम्मीदवार नगर निगम चुनाव में एक लाख 75 हजार रुपये तक खर्च कर सकता है, लेकिन चुनाव आयुक्त का कहना है कि इस बार चुनाव प्रचार पर खर्च करने की सीमा बढ़ाई जाएगी। इस पर जल्द ही निर्णय ले लिया जाएगा।