चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने हाल ही में मलोया स्मॉल फ्लैट्स व चंडीगढ़ की बाउंड्री का सर्वे कराया है। इसमें पाया कि मलोया के साथ लगते पंजाब के झामपुर में कई कालोनियां बस गई हैं और वहां आने-जाने के लिए चंडीगढ़ से एक कच्चा रास्ता बनाया गया है। फैसला हुआ है कि मलोया के इर्द-गिर्द दीवार बनाई जाएगी। साथ ही चंडीगढ़ के डीसी ने काटी गई काॅलोनियों की जांच कराने के लिए मोहाली के डीसी और सीए-गमाडा को पत्र लिखा है।
डीसी विनय प्रताप सिंह ने यूटी प्रशासन की खाली अधिग्रहित भूमि को किसी भी अतिक्रमण से सुरक्षित रखने और पंजाब के झामपुर गांव में हाल ही में हुए अवैध निर्माणों तक आने-जाने के लिए रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने से बचाने के लिए मलोया में पंजाब के साथ लगते बॉर्डर पर चारदीवारी का निर्माण करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा को आदेश दिए हैं। हाल ही में किए गए सर्वेक्षण के दौरान, डीसी कार्यालय यूटी चंडीगढ़ के राजस्व क्षेत्र के कर्मचारियों द्वारा यह रिपोर्ट की गई है कि मलोया में स्मॉल फ्लैट्स कॉलोनी से सटे यूटी प्रशासन की अधिग्रहित भूमि में एक अनधिकृत कच्चा रास्ता बनाया गया था, जिसका उपयोग गांव झामपुर में प्लॉटेड कॉलोनियों तक पहुंच प्रदान करने के लिए किया जा रहा था। रिपोर्टों के आधार पर ही ये दीवार बनाने के आदेश दिए गए हैं। वर्तमान में मलोया स्मॉल फ्लैट्स के बेहद करीब अब मकान बन गए हैं। बॉर्डर पर चंडीगढ़ की तरफ से लोहे की ग्रिल लगाई गई है लेकिन कई जगह से ग्रिल को तोड़ दिया गया है ताकि झामपुर में आना-जाना आसान हो सके।