राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंडीगढ़ ने उपभोक्ता फोरम के 30 हजार रुपये लौटाने के फैसले का बरकरार रखते हुए विवेक हाई स्कूल की अपील ठुकरा दी है।
आयोग ने अपनी टिप्पणी में कहा कि प्राइवेट संस्थान को पैसे बनाने की मशीन की तरह काम नहीं करना चाहिए।
विवेक स्कूल को एक पैनी का भी नुकसान नहीं हुआ। जब बच्चा छोड़ गया तो उसकी जगह पर दूसरे बच्चे को पूरी फीस लेकर एडमिशन दिया। जो फीस काटी गई है वह अनुचित और अनैतिक है। उपभोक्ता आयोग ने यह भी कहा कि विवेक हाई स्कूल कोई रूल रेगुलरेशन नहीं दिखा पाया जिसमें 30 हजार रुपये एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज के रूप में रखा गया है।
उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद विवेक हाई स्कूल को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता को एडमिशन फीस की बकाया राशि 30 हजार रुपये लौटाए। सेवा में कोताही के लिए सात हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। इस फैसले के विरोध में विवेक हाई स्कूल ने राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की थी जिसे उसने ठुकरा दी।