हरियाणा के आईएएस अफसर विवेक अत्रेय
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हरियाणा के आईएएस अफसर विवेक अत्रेय की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अर्जी केंद्र सरकार ने नामंजूर कर दी है। अत्रेय ने इसी साल जुलाई में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में निदेशक के पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर आईएएस की नौकरी छोड़ दी थी। यही नहीं, उन्होंने अपने विजिटिंग कार्ड से आईएएस भी हटा दिया था।
केंद्र सरकार ने हरियाणा के 2005 बैच के आईएएस अत्रेय को उनके विरुद्ध चल रही पिछली जांच के आधार पर वीआरएस देने से मना किया है। इसके साथ ही सरकार ने बिना देरी किए उन्हें नई नियुक्ति दे दी है और निगरानी एवं समन्वय विभाग में विशेष सचिव का जिम्मा सौंपा है। 1992 बैच के एचसीएस अत्रेय साल 2005 में आईएएस पदोन्नत हुए थे।
उन्होंने जुलाई में वीआरएस के लिए मुख्य सचिव डीएस ढेसी को पत्र लिखा था।
इससे तीन माह पहले से ही वह अवकाश पर थे। सूत्रों के अनुसार अत्रेय की वीआरएस अर्जी चंडीगढ़ के आईटी पार्क निर्माण में धांधली की शिकायतों के कारण अटकी है। इनकी सीबीआई जांच चल रही है। हालांकि सरकार उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है। बावजूद इसके केंद्रीय कार्मिक विभाग ने जांच पूरी होने तक सेवानिवृत्ति देने से मनाकर दिया है। अर्जी खारिज होने के बाद से अत्रेय नियुक्ति की प्रतीक्षा में थे।
हुडा फरीदाबाद के संपदा अधिकारी हटाए
सरकार ने तत्काल प्रभाव से नगर निगम ओल्ड फरीदाबाद के संयुक्त आयुक्त एचसीएस महावीर प्रसाद को राजेश कुमार के स्थान पर हुडा फरीदाबाद का संपदा अधिकारी नियुक्त किया है। वह वर्तमान कार्यभार के साथ ही इसका अतिरिक्त जिम्मा संभालेंगे। एचसीएस राजेश कुमार के नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए हैं।