कई सेक्टरों और पेरीफेरी एरिया में जहां मतदाताओं की लंबी लाइनों को कंट्रोल करने में पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, वीआईपी सेक्टरों की तस्वीर इससे एकदम विपरीत रही।
इन सेक्टरों में पोलिंग बूथ कर्मी बाहर खड़े होकर मतदाताओं को बुलाते दिखे। वार्ड नंबर-1 का ऐसा ही नजारा था। इसी वार्ड के सेक्टर-10 गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने तीन बूथों पर दिनभर लाइनें नहीं लगी।
एक बूथ पर 12:15 बजे वोटों का पहला शतक लगा। जबकि इस बूथ पर कुल वोट लगभग 1200 थे। 103 वोट पोल होने की खुशी बूथ कर्मियों में इस कदर थी कि उन्होंने चाय-समोसे मंगवाकर खाए।
बूथ में तैनात कर्मियों ने दूसरे बूथ वालों को शतक पूरा होने की जानकारी दी। दूसरे बूथ पर 12 बजे तक महज 85 वोट डाले गए थे। बूथ के बाहर पुलिसकर्मी भी धूप सेकते दिखे। वार्ड नंबर-1 में एक से 11 तक के सेक्टर आते हैं।
इसे वीआईपी सेक्टरों में गिना जाता है। अधिकतर बड़े अधिकारियों और नेताओं की रिहायश इन्हीं सेक्टरों में हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि वोट का असली महत्व कौन समझता है। इस वार्ड में सुबह 10 बजे तक महज पांच प्रतिशत और 12 बजे तक 15 फीसदी मतदान हुआ। शाम तक कुल 49.06 प्रतिशत मतदान हुआ।