हरियाणा के पंचकूला पंचकूला सेक्टर-2 स्थित हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (एसएससी) दफ्तर पर बुधवार को जन चेतना पार्टी के नेताओं ने करीब साढ़े तीन घंटे तक हंगामा किया। पार्टी सुप्रीमो विनोद शर्मा करीब सौ समर्थकों के साथ इंटरव्यू में पक्षपात का आरोप लगाते हुए एसएससी दफ्तर के अंदर तक घुस गए और चेयरमैन कमरे के बाहर सरकार विरोधी नारे लगाए।
उन्होंने चेयरमैन के इस्तीफे और बोर्ड को भंग करने की मांग की। आखिरकार, विनोद शर्मा सहित करीब 100 पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और तीन गाड़ियों में ले गए। उधर, प्रदर्शन के दौरान चेयरमैन करीब साढ़े तीन घंटे तक चैंबर में ही बैठे रहे।
दरअसल, इंद्रधनुष आडिटोरियम में पार्टी के युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया था। विनोद शर्मा करीब 12.15 बजे यहां पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद एसएससी दफ्तर के बाहर पहुंच गए। यहां चेयरमैन सहित कमीशन के पांच सदस्यों का पुतला फूंका और सरकार विरोधी नारे लगाए।
लाठीचार्ज करने तक की नौबत आ गई
इस दौरान पुलिस को भी अंदाजा नहीं था कि भारी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता दफ्तर के अंदर तक घुस जाएंगे। पुतला फूंकने के बाद विनोद शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ दफ्तर के अंदर घुसकर चेयरमैन के चैंबर के बाहर धरने पर बैठ गए।
आखिरकार, पुलिस को भी अतिरिक्त फोर्स मंगानी पड़ी। करीब दो सौ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दफ्तर के बाहर वज्र, वरुण वाहनों के अलावा फायर ब्रिगेड की भी तैनाती करानी पड़ी। प्रदर्शनकारियों को एक-दो समझाने के लिए चेयरमैन भी बाहर आए, लेकिन बात नहीं बनी।
इसी बीच एक बार लाठीचार्ज करने तक की नौबत आ गई। इसे भांपते हुए प्रदर्शनकारी पीछे हटने लगे। अंत में विनोद शर्मा सहित 30 समर्थकों को हिरासत में लेकर पुलिस ने मामला शांत कराया।
नौकरियों में पक्षपात का लगाया आरोप
जन चेतना पार्टी सुप्रीमो विनोद शर्मा ने मौजूदा प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ भड़ास निकाली। उन्होंने उत्तरी हरियाणा के जिलों के युवाओं से नौकरी में पक्षपात करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि पहले हुई 1400 भर्तियों में उत्तरी हरियाणा के महज 15 प्रतिशत उम्मीदवारों को नौकरी दी गई। इस पक्षपात पूर्ण रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्टाफ सेलेक्शन कमीशन को ‘साइमन कमीशन’ तक का नाम दे दिया।
हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के चेयरमैन विजय कुमार ने कहा कि जिन्होंने मुझसे इस्तीफा देने की मांग की हैं, वे इसके लिए अधिकृत नहीं हैं। चयन प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाती है।
सुरिंदर पाल, डीसीपी (एडिशनल चार्ज) ने कहा कि फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। कानून के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।