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Chandigarh News: गांवों के वेंडर्स को सर्वे के लिए करना होगा इंतजार

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चंडीगढ़। नगर निगम में शामिल हुए 13 गांवों के वेंडर्स पिछले कई वर्षों से सर्वे के इंतजार में बैठे हैं। उनका इंतजार बढ़ने वाला है क्योंकि नगर निगम लोकसभा चुनाव से पहले सर्वे कराने के मूड में नहीं है। सर्वे के इंतजार में बैठे लोगों को अब अगले साल का इंतजार करना होगा।
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शहर में पहली बार सर्वे जुलाई 2016 में शुरू हुआ था। करीब एक महीने में शहर के अलग अलग हिस्सों में यह सर्वे पूरा हुआ था और फिर वेंडर्स के लिए साइट तय कर उन्हें अपनी साइट पर भेजा गया था। इस समय तक 13 गांव नगर निगम में शामिल नहीं हुए थे, इसलिए वहां सर्वे नहीं हुआ। हालांकि दिसंबर 2018 में 13 गांव जिसमें किशनगढ़, मौलीजागरां, दरिया, रायपुरकलां, मक्खन माजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू, खुड्डा लाहौरा और कैंबवाला निगम में शामिल हो गए। तब से वहां के वेंडर सर्वे की मांग कर रहे हैं ताकि वह चालान के चक्कर से बच सके। गांवों में सर्वे को लेकर कुछ साल पहले फाइल भी चली, लेकिन फिर कोरोना आ गया और वह ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद से मामला अटका हुआ है। गांवों के वेंडर्स को उम्मीद थी कि चुनाव से पहले सर्वे हो सकता है लेकिन निगम सूत्रों के अनुसार ऐसा नहीं होने जा रहा है। बता दें कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के अनुसार दो या दो से अधिक सड़कों के किसी भी क्रॉसिंग, चौराहे या ट्रैफिक लाइट और प्रशासन की ओर से घोषित किसी भी विरासत संरचना (हेरिटेज स्ट्रक्चर) से 50 मीटर के भीतर किसी वेंडिंग की मंजूरी नहीं है। वी1, वी2 और वी3 सड़कों पर किसी भी वेंडर को जाने की अनुमति नहीं है।
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