चंडीगढ़। पुलिस से झड़प के करीब तीन साल पुराने मामले में शुक्रवार को पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया समेत कई अकाली नेता चंडीगढ़ की जिला कोर्ट में पेश हुए। इनमें पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा, पूर्व विधायक एनके शर्मा, महेशइंद्र ग्रेवाल व कई अन्य नेता शामिल थे। जालंधर से आम आदमी पार्टी की सीट पर चुनाव लड़ने वाले पवन कुमार टीनू भी अदालत में पेश हुए। हालांकि उस समय वे अकाली दल में थे। इनके अलावा पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और सुरजीत सिंह रखड़ा ने कोर्ट में पेशी से छूट दिए जाने को लेकर याचिका दायर की। इस मामले की सुनवाई 9 जुलाई को होगी। गौरतलब है कि पंजाब में महंगाई और 1984 दंगों के विरोध में शिअद नेता और कार्यकर्ता वर्ष 2021 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए यूटी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर पुलिस कार्य में बाधा डाली और सरकारी आदेशों का उल्लंघन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी। इसी के चलते पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और कई नेताओं को हिरासत में भी लिया गया। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मजीठिया समेत कई अकाली नेताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 186, 353, 332 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले में नामजद नेताओं की ओर से कोर्ट में केस को खत्म करने के लिए डिस्चार्ज एप्लीकेशन भी दायर की गई है।