-नायब सैनी के सीएम बनने के बाद से विज चल रहे हैं नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार में हुए उलटफेर के बाद अब पूर्व गृह मंत्री अनिल विज ने सरकार में भागीदारी से इन्कार करने के बाद अब संगठन की बैठकों से भी दूरी बनानी शुरू कर दी है। भाजपा की ओर से लोकसभा चुनाव को लेकर की जा रही बैठकों में भी अनिल विज शामिल नहीं हो रहे हैं। अनिल विज न तो प्रदेश स्तरीय लोकसभा बैठक में शामिल हुए और न ही अंबाला लोकसभा हलके को लेकर आयोजित की गई बैठक में शामिल हुए हैं। ऐसे में अनिल विज को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
लोकसभा चुनाव प्रभारी और राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया इन दिनों हरियाणा दौरे पर हैं। उन्होंने हाल ही में गुरुग्राम में ओवरऑल मीटिंग करने के बाद लोकसभा वार बैठकें लेना शुरू कर दिया है। उन्होंने पंचकूला में अंबाला लोकसभा सीट को लेकर बैठक कर इसकी शुरुआत कर दी है। इसमें सबसे अहम बात यह रही कि इन बैठकों में शामिल होने के लिए पूर्व गृह मंत्री विज नहीं पहुंचे। वह अंबाला लोकसभा अंतर्गत आने वाली अंबाला छावनी विधानसभा से विधायक हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी हैं।
कटारिया और विज की कभी नहीं बनी
अंबाला के पूर्व सांसद रतनलाल कटारिया की अनिल विज के साथ कभी नहीं बनी। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान दोनों एक-दूसरे पर निशाना भी साधते रहे हैं। कटारिया के निधन के बाद पार्टी ने उनकी पत्नी बंतो कटारिया को अंबाला लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। इसी बीच, मनोहर लाल के स्थान पर नायब सैनी को सीएम बनाने के फैसले से विज नाराज चल रहे हैं और इसलिए उन्होंने सैनी सरकार में मंत्री बनने से भी इन्कार कर दिया है। विज की नाराजगी को देखते हुए खुद पूर्व सीएम मनोहर लाल और सीएम नायब सिंह सैनी विज को मनाने के लिए उनके घर जा चुके हैं, लेकिन विज के तीखे तेवर बरकरार हैं।