-हरियाणा सरकार ने भर्ती घोटाले में चालान निचली अदालत में किया पेश, याची को अध्ययन की सलाह
-35 एचसीएस अधिकारियों की 54 उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए देने की विजिलेंस ने की है मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में मौजूद 65 एचसीएस अधिकारियों की भर्ती के रिकार्ड में से 35 एचसीएस अधिकारियों की 54 असल उत्तर पुस्तिकाओं को जांच हेतु प्राप्त करने के लिए अभी विजिलेंस को इंतजार करना होगा। हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाएं सौंपने की मांग पर विजिलेंस को बिना कोई राहत दिए सुनवाई 2 मई तक स्थगित कर दी। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि घोटाले में चालान निचली अदालत में पेश किया जा चुका है। ऐसे में याची को उसका अध्ययन करना चाहिए।
चौटाला शासन काल में हरियाणा सरकार ने 65 एचसीएस की भर्ती निकाली थी। इस भर्ती के बाद कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी थी। याचिका लंबित रहते हाईकोर्ट ने इस भर्ती से जुड़ा ओरिजनल रिकार्ड तलब कर लिया था। इसके बाद विजिलेंस ने कुछ दस्तावेज सौंपने की मांग की थी जिस पर हाईकोर्ट ने रिकार्ड की प्रति उन्हें उपलब्ध करवा दी थी। विजिलेंस ने इसके बाद गत वर्ष अर्जी दाखिल करते हुए 54 उत्तर पुस्तिकाओं की ओरिजिनल कापी मांगी थी और कोर्ट को विश्वास दिलाया था कि जांच के बाद इसे वापस कर दिया जाएगा। उत्तर पुस्तिकाओं में कांट-छांट, जोड़ना-घटाना, स्याही आदि की जांच फॉरेंसिक लैब में होगी तो जांच को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। चौटाला सरकार पर नियमों का उल्लंघन कर अपने चहेतों को इस भर्ती में नियुक्ति देने का आरोप लगा था। याचिका में कहा गया था कि जिनके अंक परीक्षा में कम थे उन्हें इंटरव्यू में अधिक अंक दिए गए ताकि उनका चयन हो सके। इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने 2013 में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाने से पहले उनकी पदोन्नति हो गई और वे सुप्रीम कोर्ट चले गए। ऐसे में यह मामला फिर से सुनवाई पर आ गया था।