-निरंजन सिंह बोले, हाईकोर्ट ने कार्रवाई के लिए कहा था, पर उस समय की सरकार ने नहीं की
-मजीठिया का किन मामलों में नाम आया व प्रॉपर्टी डिटेल सभी के बारे दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विजीलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ जांच तेज कर दी है। इस केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व डिप्टी निदेशक निरंजन सिंह को विजिलेंस विभाग ने जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था। उन्होंने शनिवार को अपने बयान दर्ज करवाए। निरंजन सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में उन्होंने ईडी में रहते हुए मामले की जांच शुरू की थी। हाईकोर्ट ने इसमें कार्रवाई के लिए कहा था, पर उस समय की सरकार ने कार्रवाई नहीं की।
निरंजन ने कहा कि मजीठिया का किन मामलों में नाम आया था और प्रॉपर्टी डिटेल, सभी के बारे में विजिलेंस को बता दिया है। अब विजिलेंस ईडी से इस संबंध में रिकाॅर्ड मंगवाएगी, उसके बाद दोबारा उनके बयान दर्ज करवाए जाएंगे। निरंजन ने बताया कि 2013 से लेकर 2017 तक ड्रग्स केस की जांच उन्होंने की थी। इस मामले में 17 लोगों को सजा हो चुकी है और उनकी संपत्तियां जब्त हो चुकी है। उस समय मजीठिया का नाम सीधे तौर पर नहीं आया था, लेकिन जब भोला व बिट्टू औलख के बयान लिए थे, तो उसमें मजीठिया का जिक्र था।
निरंजन ने कहा कि फिलहाल वाला मामला भले ही भ्रष्टाचार का है लेकिन ग्राउंड ड्रग्स वाला ही है, इसीलिए उन्हें बयान दर्ज करवाने के लिए बुलाया गया था। निरंजन ने कहा कि उनकी जांच के आधार पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने एसटीएफ को जांच व कार्रवाई के लिए कहा था। एसटीएफ ने भी अपनी सिफारिशों के साथ रिपोर्ट हाईकोर्ट में दी। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि 2021 में उनकी व एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर हुई थी और अब मामला विजिलेंस ने दर्ज किया है। ये सभी मामले एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।