चंडीगढ़। पीयू में वेरका बूथ का अनुबंध नहीं होगा। पीयू ने साफ कह दिया कि वेरका के साथ उनका करार हुआ था न कि ठेकेदार के साथ। इसके बाद संचालक अब अधिकारियों से सिफारिशें लगवा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों ने भी कह दिया है कि पीयू ने नियमों को दरकिनार करके कार्य किया तो वह सड़कों पर उतरेंगे।
पीयू की ओर से वेरका अनुबंध के अभिलेखों की जांच की गई। वेरका ने इसका गुपचुप तरीके से ठेकेदार के जरिये संचालन करवा दिया। हैरत तो इस बात की है कि बिना नियमों को देखे पीयू भी 22 साल से इसका रिनुअल कर रहा था। हालांकि वर्ष 2002 में इसको लेकर एक नोटिस जारी हुआ था। नियमों का हवाला देते हुए इस प्रथा को खत्म करने को कहा गया था, लेकिन मामला दबा दिया गया। वेरका भी कटघरे में आ गया। अब संचालक ताकत लगाने में जुटे हैं कि बूथ का रिनुअल हो जाए। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने पीयू के उच्चाधिकारियों के पास कई फोन करवाए हैं। साथ ही अन्य तरीके भी अपनाए जा रहे हैं।
इस बारे में प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार ने कहा कि नियमों के तहत ही पीयू काम करेगा। किसी के दबाव में आकर या सिफारिश से काम नहीं होगा।