साध्वी यौन शोषण केस में डेरामुखी राम रहीम पर फैसला
डेरा मुखी पर 25 अगस्त को आने वाले फैसले के मद्देनजर पूरा पंजाब और हरियाणा हाई अलर्ट पर है, वहीं एक डेरे पर पुलिस और इंटेलीजेंस की खास नजर रहेगी। ये है पंजाब के बठिंडा का सलाबतपुरा डेरा। यहां पर मई 2007 में इसी डेरे में डेरा मुखी ने दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह की तरह की वेशभूषा पहनकर डेरा प्रेमियों को जाम-ए-इंसां पिलाया था। इसके बाद डेरा प्रेमियों और सिखों में टकराव हो गया था और सिखों की ओर से डेरा मुखी के खिलाफ केस किया गया था।
अब जिला प्रशासन ने डेरा सलाबतपुरा को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तबदील कर दिया है। 24 घंटे डेरे के इर्द गिर्द पुलिस की तैैनाती है। हालांकि बड़ी तादाद में डेरा प्रेमी डेरे में पहुंचने लगे हैं। डेरे से जुडे़ साधू सिंह का कहना है कि डेरा प्रेमी तो सत्संग के लिए आ रहे हैं और वह ऐसी कोई भी बात नहीं करते जिससे अमन कानून की स्थिति बिगड़े। कानून सब के लिए एक है।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में डाली जा रही भड़काऊ पोस्ट के बारे में उन्होंने कहा कि यह कुछ शरारती लोगों की चाल है जो पंजाब की अमन शांति भंग करना चाहते हैं। डेरा समर्थक ऐसा कुछ नहीं करेंगे, जिससे अमन शांति भंग हो।