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Chandigarh News: चंडीगढ़ में वाहन चोरों का आतंक, 7 दिन में 25 वाहन चोरी

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में वाहन चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर में चोर इस कदर बेखौफ हो चुके हैं कि बाजारों, रिहायशी इलाकों ही नहीं, बल्कि घरों के अंदर से भी वाहन चोरी कर ले जा रहे हैं। हालात यह हैं कि बीते एक साल में शहर से 1682 वाहन चोरी हो चुके हैं, जबकि नए साल 2026 के महज सात दिनों में ही 23 वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार 1 जनवरी से अब तक दर्ज ई-एफआईआर में 1 कार, 12 बाइक-मोटरसाइकिल, 7 एक्टिवा और 3 ई-रिक्शा चोरी हो चुके हैं। वाहन चोरों का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहन भी चोरी हो चुके हैं। यही नहीं चंडीगढ़ में मौजूदा एसएचओ और चौकी इंचार्ज रह चुके एसआई की गाड़ी भी चोरी हो चुकी है, लेकिन पुलिस फिर भी आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई।
इसके अलावा कई पुलिस मुलाजिमों की गाड़ियां भी चोरी हो चुकी हैं। सेक्टर 9 स्थित पुलिस मुख्यालय के पीछे से भी वाहन चोरी की वारदात सामने आ चुकी है। सवाल खड़ा होता है कि जब पुलिस और पुलिस मुख्यालय तक सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी की गाड़ी कैसे सुरक्षित रहेगी? सूत्रों ने बताया कि पुलिस वाहन चोरी के मामले में 10 प्रतिशत वाहनों को भी बरामद नहीं कर पाई है।
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सीसीटीवी में कैद, फिर भी बेखौफ

चौंकाने वाली बात यह है कि कई वारदातों में आरोपी सीसीटीवी कैमरों में साफ नजर आए, बावजूद इसके चोर बिना किसी डर के वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कई मामलों में चोरों ने न तो चेहरा ढका और न ही किसी तरह की सावधानी बरती। इससे साफ है कि उन्हें पुलिस कार्रवाई का कोई खौफ नहीं है। हैरानी की बात है कि शहर में चप्पे चप्पे पर कैमरे हैं, उसके बावजूद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पा रही है।

बाजार, घर के बाहर और अब घरों के अंदर से चोरी

शहर के बाजारों की पार्किंग, रिहायशी इलाकों में घरों के बाहर खड़े वाहन तो निशाने पर हैं ही, अब लोगों के घरों के अंदर से भी वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह स्थिति शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


सवालों के घेरे में बीट बॉक्स पुलिस और पीसीआर गश्त

लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच पीसीआर और बीट बॉक्स पुलिसिंग पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस इन मामलों को गंभीरता से नहीं ले रही। पीड़ितों का कहना है मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहन सेकेंडों में चोरी हो रहे हैं, लेकिन चोरों पर लगाम लगाने में पुलिस नाकाम नजर आ रही है।
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