चंडीगढ़ में मां सरस्वती की मूर्ति बनाता मूर्तिकार।
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वसंत पंचमी मंगलवार 16 फरवरी को है। इस दिन विद्या दायिनी मां सरस्वती की पूजा होती है। 16 फरवरी को अमृतसिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि वसंत पंचमी के नाम से जानी जाती है। मां सरस्वती की कृपा से ही व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि, विवेक के साथ विज्ञान, कला और संगीत में महारत हासिल करने का आशीर्वाद मिलता है। चंडीगढ़ देवालय पूजक परिषद के अध्यक्ष और सेक्टर-28 स्थित खेड़ा शिव मंदिर के प्रमुख पुजारी ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि विधि पूर्वक पूजा करने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं।
सुबह 3.38 बजे शुरू होगी पंचमी तिथि
ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि पंचमी तिथि 16 फरवरी की सुबह 3.38 बजे लगेगी। यह अगले दिन 17 फरवरी की सुबह 5.47 बजे समाप्त होगी। ऐसे में पंचमी तिथि 16 फरवरी को पूरे दिन रहेगी। वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा प्रात: से मध्याह्न तक करने का विधान है। इस दिन चंद्रमा मीन राशि पर रहेंगे एवं रेवती नक्षत्र से पंचमी तिथि व्याप्त रहेगी। 16 फरवरी को अमृत सिद्धि योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है।