बैसाखी के मौके पर 13 अप्रैल को तख्त श्री दमदमा साहिब में होने वाली कांग्रेस की सियासी कांफ्रेंस को लेकर मनप्रीत बादल ने पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस में आने के बाद मनप्रीत की यह पहली बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए वह कांफ्रेंस को सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को कांग्रेस भवन, चंडीगढ़ में बैठक बुलाई गई। जिसमें विधायकों, पूर्व विधायकों और जिला प्रधानों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
मनप्रीत बाद के लिए यह सियासी कांफ्रेंस प्रतिष्ठा का सवाल बनी है। क्योंकि रैली का इंचार्ज उन्हें बनाया गया है। पीपीपी के कांग्रेस में विलय केबाद मनप्रीत के लिए मालवा में अपना प्रभाव दिखाने का यह पहला मौका होगा। इसलिए वह कोई कसर बाक ी नहीं रख रहे हैं। बैठक के दौरान एक विधायक या पूर्व विधायक को एक जिले की जिम्मेवारी सौंपी गई। वे ही जिला कांग्रेस कमेटी के साथ भी तालमेल करेंगे। बैठक के दौरान लोगों को लाने केलिए बसों के इंतजाम पर विचार-विमर्श किया गया।
साथ ही बाकी प्रबंधों पर भी चर्चा की गई। कांफ्रेंस के लिए सात एकड़ की जगह सुनिश्चित की गई है। इसमें दो स्टेज बनाए जाएंगे। लोगों को रैली स्थल तक पहुंचाने के लिए वर्करों की ड्यूटी लगाई गई है। कांग्रेसियों ने दावा किया कि रैली में खुद ही लोग आएंगे। क्योंकि प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह सारे पंजाब में बैठकें कर रहे हैं। जिन्हें काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसलिए लोग खुद ही कांग्रेस की रैली में आएंगे। बैठक में तृप्त रजिंदर बाजवा, अजायब सिंह भट्टी, मक्खन सिंह, हरदयाल कंबोज, गुरप्रीत कांगड़ व रमनजीत सिंह सिक्की भी मौजूद थे।