वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील मामले में कैग की रिपोर्ट आने के बाद अब हरियाणा की भाजपा सरकार पर अपने दावे के मुताबिक कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वजह यह है कि चुनावी घोषणाओं में भाजपा की ओर से इस मामले में त्वरित कार्रवाई के दावे किए थे।
इंडियन नेशनल लोकदल ने भी प्रदेश सरकार से डीएलएफ-वाड्रा भूमि घोटाले सहित हुड्डा सरकार के कार्यकाल में हुए अन्य भूमि घोटालों की जांच सर्वोच्च न्यायालय अथवा हाईकोर्ट के किसी कार्यरत न्यायाधीश की देखरेख में करवाए जाने की मांग की है।
दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कई बार यह कहा चुके हैं कि उनके शासन काल में सूबे की एक इंच जमीन भी किसी को फायदा पहुंचाने के लिए नहीं दी गई। हालांकि भाजपा सरकार बनने के बाद सरकार के मंत्रियों ने भी यह बयान दिए थे कि शीघ्र ही मामले की जांच होगी, लेकिन इस बीच हो रही देरी से मामले में सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।
उधर, हरियाणा भाजपा प्रभारी डा. अनिल जैन ने कहा है कि अगर हुड्डा इस बात की घुड़की नहीं देंगे, तो उनका राजनीति करना बेकार साबित होगा। उन्होंने साफ किया कि सरकार इस मामले में व्यापक दृष्टिकोण से जांच करवाएगी। इसके बाद यदि अधिकारी दोषी होंगे तो वे नपेंगे और नेता दोष सिद्ध होने पर जेल भी जाएंगे।
अफसरशाही को दिया है मौका :
जैन के मुताबिक हरियाणा की अफसरशाही को सरकार ने अपनी सोच बदलने का मौका दिया है। इसमें किसी भ्रम की स्थिति नहीं उत्पन्न होनी चाहिए। सरकार के साथ ईमानदारी से चलने वाले अधिकारियों की कद्र होगी।