शहर के आवारा कुत्तों की संख्या पर काबू पाने का सोमवार से अभियान शुरू हो जाएगा। निगम का दावा है कि सोमवार से रोजाना 15 और माह में 450 कुत्तों की नसबंदी (स्टरलाइजेशन) होगी। इतने बड़े स्तर पर नगर निगम ने कभी अभियान नहीं छेड़ा है।
नगर निगम के अनुसार डेढ़ साल में पूरे शहर के कुत्तों की नसबंदी हो जाएगी। सरकारी आकड़ों के अनुसार शहर में 8500 डॉग्स हैं। लेकिन इसकी जनसंख्या 11 हजार से ज्यादा मानी जा रही है। इस बार नसबंदी के साथ साथ कुत्तों को एंटी रेबिज वैक्सिन का टीका भी लगाने के बाद उन्हें सरकारी पट्टा भी पहनाया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार मेल डॉग की पहचान के लिए उन्हें लाल और फीमेल डॉग की पहचान के लिए उन्हें ग्रीन पट्टा पहनाया जाएगा। उन पर हरा और लाल रंग भी लगाया जाएगा और कान भी काटा जाएगा।
सोमवार को सेक्टर-38 के वेटरनरी अस्पताल में सुबह 11 बजे इस अभियान का उद्घाटन गृह सचिव अनुराग अग्रवाल कर रहे हैं। स्टरलाइजेशन करने का काम महाराष्ट्र की एनजीओ एसपीसीए के डॉक्टरों और स्टाफ को सौंपा है।
एक साल पहले नगर निगम का नासिक स्टडी टूर लगा था। वहां स्टरलाइजेशन के अभियान को स्टडी किया था। इस एनजीओ ने नासिक में भी काम किया है। जिसके बाद इस एनजीओ को काम सौंपा गया है। निगम के अनुसार एनजीओ के साथ साल में 5400 डॉग्स की नसबंदी करने का समझौता हुआ है।
सीसीटीवी कैमरे में होगी कार्रवाई
नसबंदी का अभियान सीसीटीवी कैमरे में कैद किया जाएगा। सेक्टर-38 की इमारत में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। साथ ही कमेटी का गठन भी किया जा रहा है। जो नसबंदी के बाद निकाले गए ओरगन की पहचान करेगी। उसके बाद अभियान चलाने वाली कंपनी को भुगतान किया जाएगा। एक डॉग की नसबंदी के लिए नगर निगम 972 रुपये का भुगतान करेगा।
नसबंदी के लिए 15 डॉग्स को उठाया
अभियान की शुरुआत के लिए नगर निगम ने नसबंदी के लिए 15 डॉग्स रविवार को उठाए। नगर निगम ने स्ट्रे डॉग की जानकारी के लिए 155304 की हेल्पलाइन भी शुरू की है। अस्पताल में सौ डॉग्स रखने के लिए पौंड भी बनाया है।
सेक्टर वाइज स्टरलाइजेशन: फिलहाल निगम ने सेक्टर वाइज स्टरलाइजेशन का निर्णय लिया है। लेकिन एमओएच विंग के एक अधिकारी के अनुसार बीच-बीच में प्रक्रिया बदली जाएगी। क्योंकि ऐसा होने पर एक सेक्टर में कुत्तों में दशहत मचेगी जिससे स्थिति बिगड़ भी सकती है।
4800 डॉग्स पालतू: एनिमल हसबैंडरी विभाग ने अक्तूबर 2012 में कुत्तों की गिनती कराई थी। उस समय कुत्तों की गिनती 8500 थी। लेकिन अब इनकी संख्या 11 हजार तक पहुंच गई है। नगर निगम के पास 4800 पालतू डॉग्स रजिस्ट्रड हैं। जिन लोगों ने अपने पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है उन पर कार्रवाई का भी प्रावधान है।
डेढ़ साल में काम पूरा होगा: ज्वाइंट कमिश्नर अज्ञैर एमओएच राजीव गुप्ता का कहना है कि मेल और फीमेल डॉग्स की नसबंदी के बाद उन पर हरा और लाल रंग का पट्टा भी लगाया जाएगा। उनका कहना है कि सोमवार को शुरू होने वाले अभियान से डेढ़ साल में शहर के सभी आवारा कुत्तों की स्टरलाइाजेशन हो जाएगी।
डॉग्स बाइट के केस: 21 जुलाई 2013 से लेकर 31 मार्च 2015 तक सेक्टर- 19 और 38 की डिस्पेंसरी में 13,760 डॉग्स बाइट के केस सामने आए हैं। जबकि पिछले 21 माह में 953 डाग की नसबंदी हुई है। जबकि निगम का दावा है कि इस दौरान 5111 डाग को एंटी रेबिज वैक्सिन दी गई है।
मेयर नहीं होगी समारोह में शामिल: सोमवार को शुरू हो रहे अभियान के उद्घाटन में मेयर पूनम शर्मा शामिल नहीं होंगी। वह इन दिनों कोरिया में एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए गईं हैं। मालूम हो कि मेयर ने कुत्तों की समस्या के लिए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी मिलने का समय मांगा था। लेकिन समय मिलने के बाद गांधी ने यह बैठक टाल दी थी।