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Chandigarh News: यूटीसीए के खिलाड़ियों ने यूटीसीए के चयनकर्ताओं के खिलाफ खोला मोर्चा

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चंडीगढ़। शहर में यूटी क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से पहली बार शुरू की गई यूटीसीए टी-20 क्रिकेट लीग में जगह न मिल पाने से एसोसिएशन के सीनियर खिलाड़ियों ने ही मोर्चा खोल दिया है। इन खिलाड़ियों ने यूटीसीए के चयनकर्ताओं एवं ऑपरेटिंग मैनेजर के खिलाफ विरोध करना शुरू कर दिया हैं। इन खिलाड़ियों में आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट खेल चुके खिलाड़ी शामिल हैं। वीरवार को सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लब में आईपीएल और रणजी ट्राॅफी खिलाड़ी सारूल कंवर ने कहा कि यूटीसीए के चयनकर्ता ऑपरेटिंग मैनेजर मंजीत सिंह के कहने पर अच्छे खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर देते हैं और अपने चहेते क्रिकेटरों को टीम में शामिल करते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा लीग में ऐसे क्रिकेटर खेल रहे हैं जो फिटनेस टेस्ट में फेल हो गए थे। इसके बावजूद उन्हें दोबारा टीम में शामिल कर लिया है। सरूल ने बताया कि यूटीसीए डोमेस्टिक टी-20 में उनका नाम टीम में था। लेकिन इसके बावजूद मैच से एक दिन पहले उनका नाम टीम से बाहर कर दिया। प्रेस वार्ता में उनके साथ डोमेस्टिक खिलाड़ी वैभव नारंग, देविन्द्र सिंह, सुमित हुडा भी साथ रहे। वहीं, इनके साथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रवीण नारंग उपस्थित थे। प्रवीण नारंग ने कहा कि यूटीसीए के अध्यक्ष से मांग करते हैं कि इन क्रिकेटरों की शिकायत पर चयनकर्ताओं के खिलाफ इंक्वायरी मार्क करनी चाहिए इसके साथ ही बीसीसीआई से भी मांग है कि इसकी गहनता से जांच करें।मेरी टी शर्ट पहन खेल रहे मुकाबले
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सारूल कंवर ने कहा कि लीग में शुरू होने से पहले सभी टीमों के खिलाड़ियों को जर्सी बांटी गई। टीमों के चयन में मेरा नाम भी था। इस नाते मेरे नाम की जर्सी भी बनी, लेकिन लीग से मुकाबलों के एक दिन पहले मेरा नाम चयनित खिलाड़ियों की सूची से बाहर कर दिया गया। लेकिन कमाल की बात यह है कि लीग में मेरे नाम की जर्सी पहने कोई और क्रिकेटर खेल रहा है।
खेल रहे फिटनेस में फेल खिलाड़ी
लीग शुरू होने से पहले यूटीसीए की ओर से क्रिकेटरों का फिटनेस टेस्ट लिया गया था। जिसे सरूल कंवर, वैभव नारंग, देविंदर सिंह और सुमित हुड्डा ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया था। लेकिन इन चारों खिलाड़ियों को लीग में शामिल नहीं किया गया। वहीं दो ऐसे क्रिकेटर जो कि फिटनेस टेस्ट में फेल हो गए थे, उन्हें चयनकर्ताओं ने लीग की टीमों में शामिल कर लिया।
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कई क्रिकेटर 32 साल से ऊपर
सारूल कंवर ने बताया कि जब उन्होंने ऑपरेटिंग मैनेजर मंजीत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि हम 32 साल से अधिक खिलाड़ियों को टीमों में शामिल नहीं कर सकते। बल्कि युवा क्रिकेटरों को अधिक ध्यान दे रहे हैं। लेकिन लीग में कई क्रिकेटर ऐसे हैं जिनकी आयु तकरीबन 32 से अधिक है। इसके बाद भी वह लीग में खेल रहे हैं। जबकि उन्होंने लोढा कमेटी का उदाहरण देते हुए कहा कि मंजीत सिंह की उम्र तकरीबन 70 साल से अधिक है, ऐसे में यूटीसीए मैनेजमेंट में जगह दे रखी हैं।

कोट
मेरा टीम के चयन में कोई भूमिका नहीं होती है। टीम का चयन चयनकर्ताओं की ओर से किया जाता है। सारूल कंवर को टीम में क्यों नहीं रखा गया है, इस निर्णय का चयनकर्ताओं को पता है। -ऑपरेटिंग मैनेजर यूटीसीए, मंजीत सिंह
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