पंजाब के गुरदासपुर और पठानकोट में हुए आतंकी हमलों को देखते हुए यूटी पुलिस ने भी अपने कमांडोज को आधुनिक हथियारों से सुसज्जित करने का मन बनाया है। कमांडोज के लिए आधुनिक हथियारों को खरीदने के लिए पुलिस विभाग की तरफ से गृह मंत्रालय को पत्र भेजा गया है।
कमांडो एनएसजी और स्वैट फोर्स से ट्रेनिंग लेकर लौटे
हाल ही में यूटी पुलिस ने अपने कमांडोज को एनएसजी और स्वैट फोर्स के साथ ट्रैनिंग दिलवाई है। एनएसजी और स्वैट कमांडो जिन हथियारों का इस्तेमाल करते है उन्ही से यूटी पुलिस के आपरेशन सेल के कमांडो ने भी ट्रैनिंग ली। ट्रैनिंग लेने के बाद एनएसजी की तरफ से एक पत्र यूटी पुलिस विभाग को भेजा गया था कि कमांडोज को तो आधुनिक हथियारों के साथ ट्रैनिंग पूरी की है। लेकिन ट्रैनिंंग तभी सार्थक होगी जब उनको आधुनिक हथियार भी मुहैया करवाए जाएंगे।
एके-47 और इंफास जैसे हथियार इस्तेमाल करते है कमांडो
पुलिस ने बताया कि फिलहाल आपरेशन सैल के कमांडो ए के 47, एलएमजी और इंफास जैसे हथियार इस्तेमाल करते हैं। अगर गृह मंत्रालय से आधुनिक हथियारों को लेने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई तो यूटी पुलिस के कमांडो के पास इससे भी बेहतरीन हथियार मिलेंगे।
पुलिस के मुताबिक गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद कमांडो को ग्लोक-17, ग्लोक-19 और एफएनएफ-2000 जैसे हथियार मुहैया कराएंगे। कमांडो एनएसजी और स्वैट फोर्स से इन हथियारों से ही प्रशिक्षण लेकर आए हैं। कमांडो इन हथियारों को चलाने मे पूरी तरह से समर्थ हैं।
भीड़भाड़ वाली जगह पर 24 घंटे तैनाती रहती है कमांडोज की
आपरेशन सेल के कमांडो सेक्टर 43 और 17 बस स्टैंड पर लगभग हर समय तैनात रहते हैं। साथ ही शहर की मुख्य इमारतों, भीड़ भाड़ वाले जगहों पर भी तैनाती रहती है। साथ ही अगर शहर में कभी कोई आतंकी हमला हो जाएं तो आपरेशन सेल के कमांडो ही उनसे निपटेंगे। इसलिए भी इन कमांडोज को आधुनिक हथियारों से लैस करना काफी अहम है। इस समय यूटी पुलिस में 150 से ज्यादा कमांडो है। कमांडो के साथ पुलिस के अन्य कर्मी एनएसजी से ट्रैनिंग लेने के लिये समय समय पर जाते रहते हैं।
आरपी उपाध्याय, आईजी ने बताया कि कमांडो के लिए आधुनिक हथियार लेने जाने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है। अगर गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिल गई तो जल्द ही चंडीगढ़ पुलिस के कमांडो भी एनएसजी कमांडो की तरह आधुनिक हथियारों से लैस होंगे।