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Chandigarh News: यूटी खेल विभाग इन्फ्रास्ट्रक्चर तो बढ़ रहा लेकिन महिला कोच न के बराबर

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चंडीगढ़। यूटी खेल विभाग की ओर से शहर के खिलाड़ियों के लिए विभिन्न खेलों के लिए बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाया गया है और लगातार इसमें सुधार भी किया जा रहा है। इन खेलों में विभाग की ओर से कोचों की नियुक्ति की जाती है। शहर में पुरुष कोच लगभग हर खेल में हैं लेकिन इसके मुकाबले महिला कोच की नियुक्ति न के बराबर है। ऐसे में लड़कियां कैसे आगे आएंगी। शहर की सबसे पुरानी चंडीगढ़ वुमन क्रिकेट एसोसिएशन कई वर्षों से महिला क्रिकेट कोच की मांग करती आ रही हैं लेकिन आज तक वह पूरी नहीं हो पाई। महिला खिलाड़ियों का कहना है पुरुष कोच की जगह वह महिला कोच के साथ अधिक बेहतर तालमेल बिठाकर अभ्यास और टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकती हैं। शहर की महिला क्रिकेट सीखने वाली नाव्या, तनिष्का, गौरी रचना और आराध्या का कहना है कि ऐसा नहीं है हम भी पुरुष कोच से ट्रेनिंग ले रही हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन हमारा मानना है कि लड़कियों के लिए महिला कोच होना जरूरी है जिससे हम अपनी हर तरह की बात को शेयर कर सकते हैं। बॉक्स
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इनमें हैं महिला कोच
यूटी खेल विभाग में जिम्नास्टिक की 2, हॉकी की 2, बैडमिंटन की 1 और लॉन टेनिस की 1 महिला कोच है। वहीं क्रिकेट, वाॅलीबाॅल, एथलेटिक्स, बाॅस्केटबॉल, हैंडबॉल, टेबल टेनिस, जूडो, रेसलिंग, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी, वेटलिफ्टिंग के खेल में एक भी महिला कोच नहीं है।

इस बार हमने 8 कोचों की नियुक्ति के लिए आवेदन दिए थे। इनमें 4 पर महिलाओं की ओर से आवेदन भरे गए थे लेकिन ये महिलाएं क्वालीफाई नहीं कर पाई। हम जरूरत के मुताबिक समय-समय पर कोच की नौकरी के लिए आवेदन मांगते है लेकिन महिलाओं की ओर से बहुत कम रुचि दिखाई देती है। -डॉ. महेंद्र सिंह, जॉइंट डायरेक्टर स्पोर्ट्स, यूटी खेल विभाग
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