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चंडीगढ़ में घुसने नहीं देंगे: किसानों को रोकने के लिए यूटी पुलिस ने कसी कमर, भारी सुरक्षा बल तैनात, सीमाएं सील

Tue, 04 Mar 2025 03:19 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

पंजाब के किसान चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाने के लिए कूच करने की तैयारी में है। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए कमर कस ली है। पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी भी फिल्ड पर उतर गए हैं। 
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चंडीगढ़ कूच की तैयारी में किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (फाइल)
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विस्तार
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मांगों को लेकर खनौरी और शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन की आग अब चंडीगढ़ तक पहुंच रही है। किसानों ने एलान किया है कि वह पंजाब व हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ की तरफ कूच करेंगे। पांच मार्च बुधवार को किसानों ने चंडीगढ़ में पक्के मोर्चा का एलान किया है। हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक दिन पहले सोमवार को किसान नेताओं के साथ बैठक की थी। बैठक में मुख्यमंत्री मान ने किसानों को चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा व धरना लगाने की मंजूरी नहीं नहीं दी थी। बावजूद इसके किसान चंडीगढ़ कूच के लिए अड़े हुए हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि वह ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ चंडीगढ़ आएंगे। 

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इधर, पंजाब के किसानों को चंडीगढ़ में आने से रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने भी कमर कस ली। चंडीगढ़ पुलिस विभाग की तरफ से शहर की पंजाब के साथ लगने वाली सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। वहीं, किसानों को रोकने के लिए पूरे शहर में 2500 जवानों को तैनात किया जाएगा। पूरे शहर में 12 स्पेशल नाकों पर करीब 1200 जवानों के अलावा एसएचओ व डीएसपी को तैनात किए गए हैं। उच्चाधिकारियों की तरफ से आदेश जारी कर दिए गए हैं कि अगर किसानों ने चंडीगढ़ कूच कर सड़कों पर जाम लगाया तो बल प्रयोग किया जाए। पुलिस को लाठीचार्ज के आदेश जारी किए गए हैं। 

किसान छह फसलों पर प्रदेश सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने, कर्ज माफी को लेकर नई योजना लाने, गन्ना किसानों को ब्याज समेत बकाया राशि देने, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा देने, सरहिंद फीडर नहर पर लगी मोटरों के बिल माफ करने और सरकार और किसानों के बीच समन्वय के लिए सब-कमेटी बनाने समेत कुल 18 मांगें पूरी करने की मांग कर रहे हैं।

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सीएम ने गुस्से में बीच में छोड़ी थी बैठक

वहीं सोमवार को किसानों के साथ बैठक को मुख्यमंत्री भगवंत मान गुस्से में बीच में ही छोड़कर चले गए थे। इसके बाद किसानों ने 5 मार्च को चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाने की घोषणा कर दी। वहीं, बैठक के बाद सीएम मान ने एक्स पर लिखा- चक्का जाम करना, रेल रोकना या पंजाब बंद करना किसी समस्या का हल नहीं है। इन सबसे आम लोगों को परेशान होना पड़ता है। समाज के बाकी वर्गों के कामकाज और कारोबार पर भी इसका असर पड़ता है, जिसका ख्याल रखना चाहिए।

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राजेवाल बोले-सीएम को ऐसा बर्ताव शोभा नहीं देता

बैठक के बाद किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि पिछली सरकारों के साथ भी उनकी बैठक हुई, लेकिन पहली बार किसी सीएम ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया है। वे गुस्से में बैठक छोड़कर चले गए। उन्हें ऐसा बर्ताव शोभा नहीं देता है। 5 मार्च को जो करना है कर लो, यह कहकर सीएम मान ने पूरे पंजाब के किसानों को चुनौती दी है। राजेवाल ने कहा कि अभी 18 में से कुल 8 मांगों पर ही अभी चर्चा हुई थी कि सीएम यह कहते हुए बैठक से निकलने लगे कि उनकी आंख ठीक नहीं है। राजेवाल ने कहा कि सीएम बिना किसी बात के भड़क गए, जबकि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की।
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