सीएचबी का पहला प्रस्ताव प्लॉट आधारित है, जिसके तहत ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 46 लाख, वन बीएचके फ्लैट की कीमत 68 लाख, टू बीएचके फ्लैट की कीमत 1 करोड़ 17 लाख और थ्री बीएचके फ्लैट की कीमत एक करोड़ 51 लाख रुपये तय की गई है। दूसरा प्रस्ताव चंक आधारित है, जिसके तहत ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 54 लाख, वन बीएचके फ्लैट की कीमत 75 लाख, टू बीएचके फ्लैट की कीमत एक करोड़ 31 लाख और थ्री बीएचके प्लेट की कीमत एक करोड़ 69 लाख तय की गई है।
अब आगे क्या करेंगे कर्मचारी
यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी के डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि यूटी कर्मचारियों को प्रशासन के दोनों प्रस्ताव मंजूर नहीं हैं, इसलिए उन्होंने दोनों को खारिज कर दिया है। अब 26 नवंबर को इस मामले की पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। वह हाईकोर्ट को सारी बात बताएंगे और हाईकोर्ट जो भी फैसला करेगा, उन्हें मंजूर होगा।
डॉ. धर्मेंद्र ने यह भी कहा कि अगर हाईकोर्ट से उनके पक्ष में फैसला नहीं आता है तो वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगे। डॉ. धर्मेंद्र का कहना है कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड लोगों को बेवकूफ बना रहा है। जब चंडीगढ़ में 11 मंजिला मकान बनाने की मंजूरी ही नहीं है, तो इस पर हाउसिंग बोर्ड अपना समय क्यों बर्बाद कर रहा है।
सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम के तहत सीएचबी ने वर्ष 2008 में सभी श्रेणियों के पात्र यूटी कर्मचारियों की आवास देने की योजना बनाई थी। स्कीम के लिए 4 अक्तूबर 2010 को ड्रा हुआ था, जिसमें 7811 आवेदकों में से 3930 आवेदकों आवास लेने का पात्र पाया गया था। बोर्ड ने कर्मचारियों से 25 फीसदी पैसा जमा भी करा लिया, जोकि कुल करीब 57 करोड़ रुपये है।
इस बीच वर्ष 2012 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस स्कीम पर रोक लगा दी थी। हालांकि सांसद किरण खेर के दखल के बाद वर्ष 2019 में इस स्कीम को फिर से मंजूरी मिल गई और प्रशासन ने कलेक्टर रेट के अनुसार फिर से मकानों के दाम तय किए, जिससे मकान कई गुना महंगे हो गए, जिस पर विवाद चल रहा है।
साढ़े 13 लाख से 99 लाख का हो गया वन बीएचके फ्लैट
हाउसिंग बोर्ड के वर्ष 2008 के ब्रॉशर में ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 5.76 लाख रुपये रखी गई थी, जो वर्ष 2019 में 58 लाख रुपये हो गई। वहीं, वन बीएचके फ्लैट की कीमत 13 लाख 53 हजार (ग्राउंड फ्लोर) और ऊपर के फ्लोर की कीमत 10 लाख 96 हजार रुपये थी, जो वर्ष 2019 में 99 लाख रुपये हो गई।
टू बीएचके फ्लैट की कीमत 24 लाख 30 हजार (ग्राउंड फ्लोर) और ऊपर के फ्लोर की कीमत 17 लाख 36 हजार रुपये थी जो बढ़कर 1 करोड़ 35 लाख रुपये हो गई। वहीं, थ्री बीएचके फ्लैट की कीमत जो पहले 34 लाख 70 हजार (ग्राउंड फ्लोर) और ऊपर के फ्लोर के लिए 24 लाख 80 हजार रुपये थी वह एक करोड़ 76 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसको लेकर कर्मचारियों ने काफी विरोध किया और पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख भी किया।