फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएचबी 99 से घटाकर 68 लाख पर ले आया वन बीएचके फ्लैट, कर्मचारी बोले- नहीं चाहिए

Wed, 18 Nov 2020 06:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम 12 साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ सकी है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के चेयरमैन मनोज परिदा की अध्यक्षता में मंगलवार को कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक हुई। इसमें सीएचबी ने कर्मचारियों के सामने दो प्रस्ताव रखे और उसके अनुसार फ्लैटों के दाम बताए लेकिन कर्मचारियों ने दोनों प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें ब्रॉशर में दिए गए दाम पर ही फ्लैट चाहिए। 

विज्ञापन


पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ प्रशासन ने यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक की। बैठक में मनोज परिदा के अलावा गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने कर्मचारियों के सामने प्लाट आधारित और चंक आधारित दो प्रस्ताव और उसके अनुसार संशोधित दाम रखे। 

अधिकारियों की तरफ से कहा गया कि अगर यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी इनमें से किसी एक दाम पर फ्लैट लेने को राजी हो जाएगी तो वह इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी करेंगे। हालांकि दोनों दाम कर्मचारियों की मांग के अनुरूप नहीं हैं। इसके बाद शाम छह बजे यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी ने अपने पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई, जिसमें प्रशासन के दोनों प्रस्तावों को खारिज कर दिया। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें फ्लैट ब्रॉशर दाम पर ही चाहिए। 

विज्ञापन

सीएचबी ने अब कर्मचारियों को बताया है यह दाम 

सीएचबी का पहला प्रस्ताव प्लॉट आधारित है, जिसके तहत ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 46 लाख, वन बीएचके फ्लैट की कीमत 68 लाख, टू बीएचके फ्लैट की कीमत 1 करोड़ 17 लाख और थ्री बीएचके फ्लैट की कीमत एक करोड़ 51 लाख रुपये तय की गई है। दूसरा प्रस्ताव चंक आधारित है, जिसके तहत ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 54 लाख, वन बीएचके फ्लैट की कीमत 75 लाख, टू बीएचके फ्लैट की कीमत एक करोड़ 31 लाख और थ्री बीएचके प्लेट की कीमत एक करोड़ 69 लाख तय की गई है।  

अब आगे क्या करेंगे कर्मचारी 
यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी के डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि यूटी कर्मचारियों को प्रशासन के दोनों प्रस्ताव मंजूर नहीं हैं, इसलिए उन्होंने दोनों को खारिज कर दिया है। अब 26 नवंबर को इस मामले की पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। वह हाईकोर्ट को सारी बात बताएंगे और हाईकोर्ट जो भी फैसला करेगा, उन्हें मंजूर होगा।

 डॉ. धर्मेंद्र ने यह भी कहा कि अगर हाईकोर्ट से उनके पक्ष में फैसला नहीं आता है तो वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगे। डॉ. धर्मेंद्र का कहना है कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड लोगों को बेवकूफ बना रहा है। जब चंडीगढ़ में 11 मंजिला मकान बनाने की मंजूरी ही नहीं है, तो इस पर हाउसिंग बोर्ड अपना समय क्यों बर्बाद कर रहा है।
विज्ञापन

3930 कर्मचारियों के 57 करोड़ सीएचबी के पास हैं जमा

सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम के तहत सीएचबी ने वर्ष 2008 में सभी श्रेणियों के पात्र यूटी कर्मचारियों की आवास देने की योजना बनाई थी। स्कीम के लिए 4 अक्तूबर 2010 को ड्रा हुआ था, जिसमें 7811 आवेदकों में से 3930 आवेदकों आवास लेने का पात्र पाया गया था। बोर्ड ने कर्मचारियों से 25 फीसदी पैसा जमा भी करा लिया, जोकि कुल करीब 57 करोड़ रुपये है। 

इस बीच वर्ष 2012 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस स्कीम पर रोक लगा दी थी। हालांकि सांसद किरण खेर के दखल के बाद वर्ष 2019 में इस स्कीम को फिर से मंजूरी मिल गई और प्रशासन ने कलेक्टर रेट के अनुसार फिर से मकानों के दाम तय किए, जिससे मकान कई गुना महंगे हो गए, जिस पर विवाद चल रहा है। 

साढ़े 13 लाख से 99 लाख का हो गया वन बीएचके फ्लैट
हाउसिंग बोर्ड के वर्ष 2008 के ब्रॉशर में ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 5.76 लाख रुपये रखी गई थी, जो वर्ष 2019 में 58 लाख रुपये हो गई। वहीं, वन बीएचके फ्लैट की कीमत 13 लाख 53 हजार (ग्राउंड फ्लोर) और ऊपर के फ्लोर की कीमत 10 लाख 96 हजार रुपये थी, जो वर्ष 2019 में 99 लाख रुपये हो गई।

टू बीएचके फ्लैट की कीमत 24 लाख 30 हजार (ग्राउंड फ्लोर) और ऊपर के फ्लोर की कीमत 17 लाख 36 हजार रुपये थी जो बढ़कर 1 करोड़ 35 लाख रुपये हो गई। वहीं, थ्री बीएचके फ्लैट की कीमत जो पहले 34 लाख 70 हजार (ग्राउंड फ्लोर) और ऊपर के फ्लोर के लिए 24 लाख 80 हजार रुपये थी वह एक करोड़ 76 लाख रुपये तक पहुंच गई। इसको लेकर कर्मचारियों ने काफी विरोध किया और पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख भी किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें