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डॉक्टरों की भर्ती में यूटी काडर खत्म, 26 सालों से नहीं हुई एक भी डाक्टर की नियुक्ति

Wed, 24 May 2017 09:24 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : Demo Pic
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प्रशासन की लापरवाही की वजह से डॉक्टरों की नियुक्ति में यूटी काडर को खत्म कर दिया गया है। पिछले 26 वर्षों से यूटी काडर के एक भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। खाली पड़े पदों को पंजाब व हरियाणा से डेपुटेशन पर आए डॅाक्टरों को ही तैनात किया जाता रहा है। पिछले वर्ष 63 डाक्टरों की रेगुलर पोस्ट मंजूर हुई थी। इन पोस्टों को पहले पंजाब व हरियाणा से भरने की कोशिश की गई। मगर डाक्टर नहीं मिले। विशेषज्ञ कहते हैं कि इन पोस्टों पर पहला हक चंडीगढ़ का है। चंडीगढ़ के डॉक्टरों को मौका देने के लिए प्रशासन को इन पदों को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के माध्यम से भरना था।
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  लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन ने यूपीएससी को फाइल आगे नहीं बढ़ाई। इन पदों को मंजूर हुए छह माह से ज्यादा का समय बीत चुके हैं।। यदि यूपीएससी के तहत पदों भरी जाती तो चंडीगढ़ मूल के डॉक्टरों को भी मौका मिलता। लगातार अनदेखी से यूटी काडर के डॉक्टरों में रोष है। उनका कहना है कि उनके प्रमोशन की एक सीमा है। एसएमओ के ऊपर उनके प्रमोशन नहीं हो सकते।

साल 1991 से नहीं हुई नियुक्तियां
आरोप हैं कि यूटी काडर की अनदेखी वर्ष 1991 से हो रही है। जो भी पोस्ट खाली होती थी, उसे पंजाब से भरा जाता या फिर हरियाणा से। एक भी बार चंडीगढ़ प्रशासन ने यूपीएससी को पत्र नहीं लिखा। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि चंडीगढ़ के हेल्थ सचिव पंजाब से होते हैं या फिर हरियाणा से। 
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भर्ती नियम न बना पाने का बहाना देते हैं

चिकित्सक - फोटो : Demo Pic
भर्ती नियम न बना पाने का बहाना देते हैं
यूपीएससी को पत्र नहीं लिखने के पीछे एक वजह नियुक्ति नियमों का न बन पाना है। चंडीगढ़ प्रशासन के अपने नियुक्ति नियम भी नहीं बने है। बनाए गए नियमों में हर बार कुछ न कुछ आपत्ति लगा दी जाती है। प्रशासन को मालूम है कि यदि यूपीएससी को लेटर भेजा तो वहां से नियुक्ति नियमों के बारे में पूछा जा सकता है।

अनुबंध पर भरे जाएंगे 63 पद
डॉक्टरों की 63 पोस्टों को अब कांट्रैक्ट से भरी जा रही है। आरोप हैं कि अनुबंध पर भर्ती में मनमानी की जाती है। बाद में इनको को पक्का कर दिया जाता है। बीते वर्ष भ्ी कांट्रैक्ट पर तैनात एएमओ कोर्ट के माध्यम से परमानेंट का स्टेटस ले आए थे। कोर्ट के फैसले के बाद अब कांट्रैक्ट पर भर्ती होने वालों के लिए एक आधार भी मिल गया है।

यूपीएससी के तहत पोस्टों को भरने में काफी समय लग जाता है। इसलिए उन्हें कांट्रैक्ट से भरा जा रहा है। डाक्टरों की पहले से ही कमी है। हम चाहते हैं कि भर्ती जल्द से जल्द हो। कुछ नाम भी आए हैं। उन पर विचार किया जा रहा है।
अनुराग अग्रवाल, गृहसचिव, चंडीगढ़
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