सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में वीरवार को करीब डेढ़ साल बाद प्रशासक अपने कमरे में बैठेंगे। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी देर शाम तक सचिवालय की पहली मंजिल पर प्रशासक प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी के कमरे को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। जानकारी अनुसार प्रो. सोलंकी सुबह 11 बजे लॉ एंड आर्डर और 11.30 बजे यूटी के एडवाइजर परिमल रॉय और अन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग लेंगे।
यूटी सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी प्रशासक की पहली मीटिंग होगी। प्रशासन के सभी अधिकारियों को अपने विभागों के बारे में पूरी रिपोर्ट तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रो.सोलंकी भविष्य में यूटी प्रशासन के अधिकारियों के साथ होने वाली मीटिंग अब यूटी सचिवालय में ही करेंगे। महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए यूटी प्रशासन के सभी अधिकारियों को राजभवन जाना पड़ता था, जिससे कई बार यूटी सचिवालय मेें घंटों तक एक भी अधिकारी नहीं बैठता था। प्रशासक के सचिवालय में आने से गाड़ियों पर होने वाला खर्च भी कम होगा।
विजय देव बैठते थे प्रशासक के कमरे में
यूटी सचिवालय की पहली मंजिल पर सालों से प्रशासक के लिए कमरा रिजर्व था। प्रशासक महीने में एक या दो बार यहां से जनता दरबार में लोगों को शिकायतें सुनते थे। लेकिन दिसंबर 2014 में यूटी में ज्वाइन करने वाले पूर्व एडवाइजर विजय कुमार ने प्रशासक के कमरे में खुद को शिफ्ट कर लिया। उसके बाद से प्रशासक एक बार भी यूटी सचिवालय में नहीं आए। कमरे को लेकर ही देव का दिल्ली ट्रांसफर भी हो गया। नए एडवाइजर परिमल रॉय ने ज्वाइनिंग करते ही प्रशासक का कमरा खाली कर पुराने कमरे में शिफ्ट कर लिया। प्रशासक के कमरे को तैयार करने के लिए पिछले कई दिनों से कर्मचारी जुटे हुए हैं। चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने कहा कि प्रशासक का कमरा तैयार करने के लिए कोई अतिरिक्त खर्च नहीं किया गया है। सिर्फ कमरे में सफेदी और जरूरी काम ही कराया गया है।
जनता दरबार पर भी होगा मंथन
वीरवार को यूटी सचिवालय में प्रशासक सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों से मीटिंग करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी जल्द ही जनता दरबार फिर से शुरू कर सकते हैं। मीटिंग में जनता दरबार के शेड्यूल को लेकर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि पूर्व प्रशासक शिवराज पाटिल महीने में दो दिन (सोमवार) को जनता दरबार में लोगों की शिकायतें सुनते थे।