चंडीगढ़ प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने आखिरकार नगर निगम की सब कमेटियों को मंजूरी दे दी। अब उम्मीद है कि निगम के काम में तेजी आएगी। हालांकि सात माह बाद बनी कमेटियों के पास अब मात्र पांच माह का समय बाकी है। इससे पूर्व मेयर ने नियमानुसार रोड कमेटी, हाउस टैक्स कमेटी और सीवरेज एंड डिस्पोजल कमेटी का गठन कर दिया था। मेयर ने अन्य कमेटियों की सूची बनाकर गवर्नर को भेज दी थी।
नगर निगम के काम को तेजी देने के लिए अलग अलग 15 कमेटियां बनाई जाती हैं। ताकि प्रत्येक काम को तेजी मिल सके और जिम्मेदारी के साथ काम समय पर हो सकें। मेयर राजेश कालिया ने पदभार संभालते ही तीन कमेटियों का गठन तो कर दिया था, लेकिन अन्य कमेटियां प्रशासक की मंजूरी से ही गठित की जा सकतीं हैं। आखिरकार सात महीने बाद कमेटियों को मंजूरी मिल गई है। अब लोगों को उम्मीद है कि निगम के काम में तेजी आएगी।
प्राइमरी एजुकेशन कमेटी पर होगा दबाव
एक ओर प्रशासन ने नगर निगम के स्कूलों की स्थिति बताने के निर्देश दिए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द प्रशासन इन स्कूलों को अपने अंडर में ले लगा। अब ऐसी स्थिति में नगर निगम की ओर संचालित स्कूलों की व्यवस्था व पढ़ाई के स्तर में सुधार के लिए प्राइमरी एजुकेशन कमेटी को काफी मशक्कत करनी होगी।
किस कमेटी में कौन
सेनिटेशन कमेटी - शक्ति प्रकाश देवशाली, भरत कुमार, अरुण सूद, हरदीप सिंह, हीरा नेगी, विनोद अग्रवाल, महेश इंदर सिंह, रविंदर कौर गुजराल, चरनजीव सिंह।
इनवायर्नमेंट एंड सिटी ब्यूटीफुल कमेटी - जगतार सिंह जग्गा, चरनजीव सिंह, राजेश गुप्ता, हरदीप सिंह, शक्तिप्रकाश देवशाली, फर्मीला, चंद्रावती शुक्ला, सतीश कैंथ, सतप्रकाश अग्रवाल।
इलेक्ट्रिसिटी कमेटी - गुरुप्रीत सिंह ढिल्लन, सचिन लोहटिया, देवेश मोदगिल, अनिल कुमार दुबे, कंवरजीत सिंह, सुनीता धवन, भरत कुमार, देवेंद्र सिंह बबला, हाजी मोहम्मद खुर्र्शीद अली।
फायर एंड इंमरजेंसी सर्विस कमेटी - रविकांत शर्मा, देवेंद्र सिंह बबला, अरुण सूद, राजबाला मलिक, विनोद अग्रवाल, फर्मीला, महेश इंदर सिंह, मेजर जनरल एमएस कांडल, हाजी मोहम्मद खुर्र्शीद अली।
अपनी मंडी एंड डे मार्केट कमेटी - शीला देवी, दिलीप शर्मा, आशा जायसवाल, देवेश मोदगिल, गुरुप्रीत सिंह ढिल्लन, कंवरजीत सिंह राणा, फर्मीला, सतीश कैंथ, शिप्रा बंसल।
वूमेन इंपॉवरमेंट कमेटी - आशा जायसवाल, गुरुबक्ख रावत, राजबाला मलिक, सुनीता धवन, चंद्रावती शुक्ला, फर्मीला, शीला देवी, कमल शर्मा, ज्योत्सना विंग।
इन्फोर्समेंट कमेटी - राजेश गुप्ता, सचिन लोहटिया, अरुण सूद, कंवरजीत राणा, जगतार सिंह, महेश इंदर सिंह, रविकांत शर्मा, गुरुबक्ख रावत, अजय दत्ता।
स्लम कालोनी एंड विलेज डवलपमेंट कमेटी - चंद्रावती शुक्ला, अनिल कुमार दुबे, देवेश मोदगिल, विनोद अग्रवाल, हरदीप सिंह, लगतार सिंह, दिलीप शर्मा, मेजर जनरल एमएस कांडल, सतप्रकाश अग्रवाल।
आर्ट् कल्चर एंड स्पोर्ट्स कमेटी - सुनीता धवन, कमला शर्मा, चंद्रावती शुक्ला, रविकांत शर्मा, शक्ति प्रकाश देवशाली, भरत कुमार, गुरुबक्ख रावत, ज्योत्सना विंग, शिप्रा बंसल।
प्राइमरी हेल्थ कमेटी - ज्योत्सना विंग, हीरा नेगी, कंवरजीत राणा, राजबाला मलिक, आशा जायसवाल, गुरुप्रीत सिंह ढिल्लन, देवेंद्र सिंह बबला, मेजर जनरल एमएस कांडल, सचिन कुमार लोहटिया।
प्राइमरी एज्यूकेशन कमेटी - विनोद अग्रवाल, हाजी मोहम्मद खुर्शीद अली, राजेश गुप्ता, हरदीप सिंह, जगतार सिंह, सुनीता धवन, रविंदर कौर गुजराल, सतीश कैंथ, शिप्रा बंसल।
काफी समय निकल गया। कमेटियां 15 लाख रुपये तक कामों को अप्रूवल दे सकतीं हैं, लेकिन अब तो कैसे प्लान होगा और कैसे सदन की बैठक में आएंगे।
- देवेश मोदगिल
निगम के इतिहास में यह सबसे देरी से कमेटियां गठित हुईं हैं। पहले से भाजपा कोई काम नहीं कर सकी है अब क्या काम होंगे।
-सतीश कैंथ
कोई बात नहीं चुनाव के चक्कर में थोड़ी देरी हुई है, लेकिन अब भी समय है। कोशिश करेंगे जल्द से जल्द विकास कार्यों की योजना बनाकर धरातल पर ला सकें।
- हरदीप सिंह, सीनियर डिप्टी मेयर
पहले की कमेटियों ने कौन से काम किए हैं अब तक। यह सिर्फ खानापूर्ति है जो कर दी गई है। काम कुछ नहीं होने। कुल मिलाकर मेयर को कार्पोरेशन चलाना ही नहीं आता।
- देवेंद्र सिंह बबला