पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल और यूटी प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने अधिकारियों को तेजी से बजट खर्च करने के आदेश दिए। सितंबर में तैयार होने वाली रिवाइज्ड बजट एस्टिमेट रिपोर्ट को ध्यान में रखने को कहा। साथ ही सभी विभागों को जिम्मेदारी से प्रोजेक्ट पूरे करने के आदेश भी दिए। स्मार्ट सिटी, वाटर सप्लाई, सोलर और हेल्थ क्षेत्र के लिए एमएचए से फंड लेने की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
चंडीगढ़ का प्रशासक बनने के बाद प्रो. सोलंकी पहली बार गुरुवार को सचिवालय स्थित कार्यालय पहुंचे थे। इससे पहले पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव यहां बैठते थे। वर्तमान एडवाइजर परिमल राय पहले ही पुराने कार्यालय में शिफ्ट हो चुके हैं। प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी पहली बार सचिवालय पहुंचे और अपने ऑफिस में 2 घंटे 19 मिनट रुके।
पहले कुछ देर तक उन्होंने ऑफिस में अधिकारियों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद कॉन्फ्रेंस हॉल में स्मार्ट सिटी, बजट और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर प्रेजेंटेशन हुई। मीटिंग में सचिव स्तर के सभी अधिकारियों के साथ सभी विभागों के विभागाध्यक्ष शामिल हुए। अवकाश के बावजूद गृह सचिव अनुराग अग्रवाल मीटिंग में हिस्सा लेने पहुंचे।
अस्पतालों में इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं सुधारने के आदेश
प्रो. सोलंकी ने अस्पतालों में एक बेड पर एक ही महिला का इलाज करने के आदेश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी सूरत में बेड पर एक से अधिक महिला का इलाज नहीं होना चाहिए। साउथ सेक्टरों में नए अस्पताल बनाए जाने की बात कही। ताकि बड़े अस्पतालों पर बोझ कम किया जा सके। इसके अलावा अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने के आदेश भी दिए। अधिकारियों ने प्रो. सोलंकी के सामने स्मार्ट सिटी के संशोधित प्रस्ताव की प्रेजेंटेशन दी।
प्रशासक के जाते ही कार्यालय सील
प्रशासक प्रो. सोलंकी के जाते ही उनके कार्यालय का मुख्य द्वार सुरक्षाकर्मियों ने सील कर दिया। ताकि कोई अधिकारी इसे अपनी मर्जी से न खोल सके। बताया यह भी जा रहा है कि अब प्रशासक नियमित अंतराल के बाद यहां मीटिंग लेने आते रहेंगे।